बालोतरा को नया जिला बनाए जाने के बाद विभिन्न विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए इसी गोचर भूमि में से करीब 350 बीघा भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। इससे पशुओं, वन्यजीवों के लिए उपलब्ध चारागाह लगातार कम हो रहा है।पूर्व पंचायत समिति सदस्य देवाराम, ब्रह्मचारी परक्षुन्नद महाराज, रामस्वरूप चौधरी, वागाराम, तुलसाराम, श्रवणसिंह राजपुरोहित, पुखराज राजपुरोहित, हडमानाराम, सुराराम, हराराम, प्रागाराम, जगाराम, विशनाराम, दिनेश, सोनाराम, दानाराम, मदनसिंह भाटी सहित ग्रामीण मौजूद रहे। भास्कर न्यूज | असाड़ा ग्राम पंचायत रामनगर की गोचर भूमि को भविष्य में आवंटन, अधिग्रहण से बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों, पशुपालकों, किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गोचर भूमि को संरक्षित घोषित करने की मांग रखी। प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के लिए पहले से अधिग्रहित भूमि में बची रिजर्व जमीन के उपयोग की मांग भी की। ज्ञापन में बताया कि रामनगर में जोड़ नाड़ी स्थित खसरा नंबर 1053, 1054 में करीब 700 बीघा गोचर भूमि दर्ज है। यह गांव के करीब 400 परिवारों के पशुधन के लिए प्रमुख चारागाह है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी गोचर भूमि में से राउप्रावि ब्रह्मधाम, बिजली सब स्टेशन सहित सार्वजनिक उपयोग के लिए करीब 20 बीघा भूमि पहले ही आवंटित हो चुकी है।