डीडवाना-कुचामन जिले में अब होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और अन्य ठहराव स्थलों पर आने वाले प्रत्येक मेहमान का रिकॉर्ड राजस्थान सरकार के ई-विजिटर्स पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देश और पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के मार्गदर्शन में जारी व्यवस्था के तहत संचालकों को पहले पुलिस थाने में पंजीकरण कर यूजर आईडी और पासवर्ड बनवाना होगा। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तत्काल पुलिस को देनी होगी। पुलिस थाने में पंजीकरण के बाद मिलेगा लॉगिन निर्देशों के अनुसार होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और अन्य ठहराव स्थलों के संचालकों को अपने क्षेत्र के पुलिस थाने में आवश्यक विवरण उपलब्ध कराना होगा। यहां उनकी एसएसओ आईडी के माध्यम से यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार किए जाएंगे। इसके बाद सभी आगंतुकों का विवरण आवश्यक पहचान दस्तावेजों सहित नियमित रूप से ई-विजिटर्स पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। बिना सत्यापित पहचान के नहीं मिलेगा कमरा यदि कोई अतिथि मूल पहचान दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है तो उसकी इलेक्ट्रॉनिक प्रति का ऑनलाइन सत्यापन कर रिकॉर्ड रखना होगा। वहीं, यदि कोई नाबालिग ठहरने आता है तो उसकी पहचान सुनिश्चित कर तत्काल उसके अभिभावक को सूचना देना अनिवार्य होगा। अभिभावक की असहमति होने पर नाबालिग को कमरा नहीं दिया जाएगा और मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति को भी देनी होगी। संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत देनी होगी सूचना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संस्थान में संदिग्ध व्यक्ति के ठहरने की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या चौकी को देनी होगी। इसके अलावा आगंतुकों का संधारित रिकॉर्ड राज्य की अनुसंधान एजेंसियों, जिला मजिस्ट्रेट या जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकृत अधिकारियों को निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराना होगा। संचालकों से जल्द पंजीकरण की अपील जिला पुलिस ने सभी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, लॉज और अन्य ठहराव स्थलों के संचालकों से जल्द से जल्द ई-विजिटर्स पोर्टल पर पंजीकरण कराने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर आगंतुकों का विवरण दर्ज करने की अपील की है। इससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।