डीडवाना के ग्राम सेवा में नाथूसर रोड स्थित पाबूजी महाराज मंदिर के पास नौ दिवसीय 108 कुंडीय रुद्र महायज्ञ का 4 नवंबर को समापन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति दी गई। यह अनुष्ठान 27 अक्टूबर को शुरू हुआ था। महायज्ञ संत सीतारामदास जी महाराज (बल्डा धाम) के सानिध्य में हुआ। आयोजन के दौरान प्रतिदिन 108 यजमान दंपतियों ने यज्ञ कुंडों में आहुतियां दीं। यजमानों और श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विश्व शांति की कामना की। मुख्य पूर्णाहुति के मौके पर साधु-संत, आध्यात्मिक गुरु, राजनीतिक और सामाजिक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु भी पहुंचे और यज्ञ कुंड में आहुतियां दीं। समापन पर हुई धर्मसभा में संतों ने यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व, सनातन धर्म के मूल्यों और पर्यावरण शुद्धि पर बात की। इसके बाद महाप्रसादी और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के समापन पर ग्रामीणों और यज्ञ आयोजन समिति के सदस्यों में उत्साह रहा।