चानणा धाम बालाजी दरबार के वार्षिक महोत्सव के समापन पर रविवार को तपोवन मनोविकास विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यहां आयोजित मेडिकल शिविर में मनोवैज्ञानिक डॉ. गौरव कुमार दत्ता, स्पीच थैरेपिस्ट डॉ. धर्मेन्द्र कुमार सैम और डॉ. सुरभि कटारिया ने बच्चों की जांच कर परिजनों को विशेष शिक्षा व उपचार का परामर्श दिया। संस्था अध्यक्ष सुमेरमल बोरड़ ने बताया कि महोत्सव में बच्चों की ओर से तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां, प्राकृतिक साबुन और दीपावली सजावट सामग्री का लाइव डैमो देकर हुनर दिखाया। श्रद्धालुओं ने इन उत्पादों की जमकर खरीदारी की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है।