तीन साल बाद दीपावली महीने की शुरुआत में आने से इस बार प्रदेश में फेस्टिव कारोबार 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल 38 से 40 हजार करोड़ रुपए के कारोबार के मुकाबले इस बार 47,500 से 50,000 करोड़ रुपए की बिक्री का अनुमान है। यानी 25% बढ़ोतरी संभव है। इसकी बड़ी वजह 8 नवंबर को दिवाली होना है। महीने की शुरुआत में वेतन और त्योहार से पहले बोनस मिलने से लोगों के पास खरीदारी के लिए ज्यादा पैसा होगा। अर्थशास्त्र में इसे ‘फ्रंट-लोडेड लिक्विडिटी’ कहा जाता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दीपावली महीने के आखिर में होने पर परिवारों के वेतन का बड़ा हिस्सा नियमित खर्चों में निकल जाता है। इस बार वेतन-बोनस की रकम त्योहार से पहले उपलब्ध होने से वाहन, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और घरेलू सामान की खरीदारी बढ़ सकती है। सितंबर 2025 से लागू जीएसटी कटौती का फायदा भी मिलेगा। छोटी कारों, 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलों, एसी और टीवी जैसे उत्पादों पर टैक्स 28% से घटकर 18% हुआ था। इससे बड़ी खरीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। माह के शुरुआत में दीपावली आने पर खरीदारी 3.5 गुना बढ़ जाती है पिछले वर्षों में त्योहारी सीजन के आसपास प्रदेश के जीएसटी कलेक्शन में सामान्य माह के मुकाबले 5.3% से 19.6% तक बढ़ोतरी का रुझान रहा है। नवंबर 2023 में कलेक्शन 4,682 करोड़ रुपए था, जो तुलना के लिए लिए गए तीन महीनों के औसत 3,914 करोड़ से 768 करोड़ यानी 19.6% ज्यादा था। अक्टूबर 2022 में यह अंतर 5.3% और अक्टूबर 2024 में 5.6% रहा। बता दें कि देश में बिकने वाली वस्तुओं में से 82.5% पर टैक्स है। इनसे सरकार को औसतन 11.5% जीएसटी मिलता है। किराना-ज्वेलरी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी कैट के सेक्टरवार अनुमानों में फेस्टिव कारोबार का सबसे बड़ा हिस्सा किराना और एफएमसीजी (12%) का है। इसके बाद ज्वेलरी (10%) और इलेक्ट्रॉनिक्स-इलेक्ट्रिकल्स (8%) हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़ों और गिफ्ट आइटम्स की 7-7% हिस्सेदारी है। धनतेरस पर वाहन और आभूषण, जबकि दिवाली से पहले कपड़े, मिठाई, सजावटी सामान और उपहारों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। किराना और एफएमसीजी 12%, ज्वेलरी 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स-इलेक्ट्रिकल्स 8%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़े, {गिफ्ट आइटम 7% प्रत्येक, पूजा सामग्री, फल- ड्राई फ्रूट 6%, होम डेकोर, फर्नीचर, मिठाई5%, टेक्सटाइल4% प्रत्येक, जूते-चप्पल : 2% अन्य: 19% -स्रोत : कैट माह के अंत में दीपावली तों खरीदारी में सिर्फ 5 से 7% वृद्धि वेतन-बोनस साथ मिलने से बढ़ेगी खरीदारी दीपावली महीने की शुरुआत में होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के पास खरीदारी के लिए ज्यादा पैसा रहेगा। वेतन और बोनस साथ मिलने से दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही और बड़ी खरीदारी बढ़ सकती है। ऑनलाइन डिस्काउंट के बावजूद ग्राहक उत्पाद देखकर खरीदने और तत्काल डिलीवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल और घरेलू उपकरणों के कारोबार में 25% तक ग्रोथ संभव है। धीरज विजयवर्गीय, बाजार विशेषज्ञ