धनतेरस के साथ शुक्रवार से दीपोत्सव के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। अगले 5 दिन तक शहर में दीपावली की रौनक के बीच आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर रहेगा। अजमेर शहर में बढ़ती भीड़, बाजारों में रोशनी और आतिशबाजी के बीच आग लगने की आशंका को देखते हुए नगर निगम के अग्निशमन विभाग ने विशेष तैयारियां की हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में 18 फायर ब्रिगेड वाहन तैनात रहेंगे। वहीं, तंग गलियों में तत्काल पहुंचने के लिए 5 फायर बाइक और जीप भी तैयार रखी गई हैं। हालांकि, इस पूरी व्यवस्था में एक अहम पहलू यह भी है कि दमकल विभाग का ज्यादातर फील्ड अमला स्थायी सरकारी कर्मचारी नहीं है। विभाग में कुल 73 कार्मिकों में से केवल 29 स्थायी कर्मचारी हैं जबकि 17 ड्राइवर और 27 फायरमैन प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगाए गए हैं। यानी आग लगने की स्थिति में मोर्चा संभालने वाले 44 कर्मचारी एजेंसी के जरिए काम कर रहे हैं। शहर के प्रमुख पॉइंट पर तैनात रहेंगी दमकलें दीपावली के दौरान तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए शहर में दमकल वाहनों की तैनाती का प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत गांधी भवन, नया बाजार, पंचशील, नगर निगम की नई और पुरानी बिल्डिंग, रामगंज और वैशाली नगर में दमकल वाहन तैनात किए गए हैं। वहीं, शहर के बाहरी और दक्षिणी हिस्से में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए सेदरिया स्टेशन के पास दो दमकल वाहन रिजर्व रखे गए हैं। परबतपुरा बाइपास सहित दक्षिणी क्षेत्र में आग लगने पर सेदरिया की टीम तत्काल मौके पर पहुंचेगी। तंग गलियों में फायर बाइक से पहुंचेगी टीम पुरानी बस्तियों और दरगाह क्षेत्र की संकरी गलियों में बड़ी दमकलों को पहुंचने में परेशानी होती है। ऐसे में इन इलाकों के लिए पांच फायर बाइक तैयार रखी जाएंगी। इनके साथ जीप भी रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और फायरकर्मियों को मौके तक पहुंचाया जा सके। सभी दमकल वाहनों में फोम केमिकल भी उपलब्ध रहेगा, जिससे आग बुझाने के दौरान जरूरत के मुताबिक इसका इस्तेमाल किया जा सके। 18 दमकलों के साथ टीम तैयार, हर पॉइंट पर रहेगी तैनाती अग्निशमन अधिकारी गौरव तंवर के अनुसार दीपावली को देखते हुए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। टीमों की तैनाती और उनके कार्यक्षेत्र का निर्धारण कर लिया गया है। पिछले सालों की तरह इस बार भी दीपावली से पहले शहर के प्रमुख पॉइंट पर दमकलें तैनात रहेंगी, ताकि सूचना मिलते ही बचाव और राहत कार्य शुरू किया जा सके।