शरद पूर्णिमा पर रविवार को टोंक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में अनुशासन व सामूहिकता की तस्वीर नजर आई। संघ के 101वें स्थापना दिवस परशहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों तक पहुंचे पथ संचलन का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। घंटाघर पर मुस्लिम समाज की ओर से भी पुष्पवर्षा की गई। करीब 600 गणवेश धारी स्वयंसेवकों का यह संचलन लगभग सवा घंटे में हाट बाजार स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ। घोष की गूंज, कदमों की एकरूपता और स्वयंसेवकों का अनुशासित स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। विदित रहे पूर्व में विजयादशमी पर संघ के स्थापना दिवस पर टोंक में पथ संचलन निकाला जाता रहा था। क्योंकि पिछले साल की तरह इस बार भी पूर्व शाखा स्तर पर पथ संचलन निकाले गए थे, रविवार को 600 गणवेश धारी स्वयंसेवकों की मौजदूगी में टोंक नगर का पथ संचलन निकाला गया है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया, देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, भाजपा जिला महामंत्री प्रभु बाडोलिया, विष्णु शर्मा, पूर्व जिला परिषद सदस्य नरेश बंसल सहित कई संगठनों के पदाधिकारी व संघ के स्वंयसेवक शामिल रहे। वही कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर एएसपी रतनलाल भार्गव, वृत्ताधिकारी मृत्यंजय मिश्रा, शहर कोतवाल आरपीएस भंवरलाल वैष्णव सहित पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। सुबह 7:30 बजे से गांधी खेल मैदान में स्वयंसेवकों का जुटना शुरू हुआ। सुबह 8:15 बजे शस्त्र पूजन के बाद बौद्धिक सत्र में जिला प्रचारक अशोक ने संघ की स्थापना के उद्देश्य, उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि और 100 साल की यात्रा का उल्लेख कर कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में समाज को संगठित करने के उद्देश्य से संघ की स्थापना की थी। संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने समाज की एकता, राष्ट्रीय अखंडता, समरसता और सेवा भाव को मजबूत करने पर जोर दिया। मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एसके बृजेश व टोंक जिला सह संघ चालक दिनेश उपस्थित रहे। सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर घोष की गर्जना के साथ पथ संचलन गांधी खेल मैदान से रवाना हुआ। हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने से शुरू होकर स्वयंसेवकों का काफिला विवेकानंद सर्किल, डिपो, सवाई माधोपुरा चौराहा स्थित हेमू कालाणी सर्किल और बड़ा कुआं पहुंचा। यहां से मुख्य बाजार होते हुए घंटाघर, गांधी पार्क और कंकाली माता मंदिर के सामने से गुजरकर संचलन हाट बाजार स्थित दशहरा मैदान पहुंचा। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों की कदमताल और घोष की धुन आकर्षण का केंद्र रही। घंटाघर पर मुस्लिमों ने बरसाए फूल पथ संचलन के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। घंटाघर पर मुस्लिम समाज के लोगों की ओर से पुष्पवर्षा भी आयोजन के दौरान सामाजिक सहभागिता का उल्लेखनीय दृश्य रहा। स्वागत के दौरान लोगों ने स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। शरद पूर्णिमा पर निकले इस पथ संचलन में एक ओर स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग स्थानों पर नागरिकों के स्वागत ने शहर में आयोजन की मौजूदगी दर्ज कराई। श्री व्यापार महासंघ के अध्यक्ष मनीष बंसल ने पथ संचलन के अनुशासन और कदमताल की सराहना करते हुए कहा, करीब 600 स्वयंसेवकों का एक साथ एक लय और अनुशासन में चलना संगठन की तैयारी और सामूहिकता को दर्शाता है, शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरते संचलन में स्वयंसेवकों की एकरूपता और अनुशासन देखने को मिला।