गांव के मुख्य चौराहे पर लगातार बढ़ते भारी ट्रैफिक और कंपनियों की तेज रफ्तार गाड़ियों से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। चौराहे पर दिनभर ग्रामीणों की आवाजाही रहती है और स्कूल समय में छोटे छोटे बच्चे इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से चौराहे पर तत्काल स्पीड ब्रेकर और बैरिकेडिंग लगाने की मांग की है। रासला के आसपास दावड़ा, मुलाना, लखासर, लाला, कराड़ा और सावंता स्थित पावर ग्रिड सब स्टेशन सहित विभिन्न सोलर व विंड कंपनियों के भारी वाहन तेज गति से दौड़ते हैं। मुख्य मार्ग व चौराहे पर कंपनियों के वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण राहगीरों, खासकर स्कूली बच्चों के लिए रोड क्रॉस करना जानलेवा साबित हो रहा है।