राजस्थान के सियासी इतिहास का सबसे अनूठा विरोधाभास यह है कि विधानसभा में हर 5 साल पर राज बदलने वाली जनता ने शहरी सरकारों में कभी धारा के विपरीत नाव नहीं चलाई। 1994 से अब तक 32 साल में प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार रही, नगर निगमों के 80 फीसदी कमरों के ताले भी उसी दल के इशारे पर खुले। फैक्टर: जयपुर: चारदीवारी बनाम उपनगरों (बाहरी क्षेत्र) की जंग जोधपुर नगर निगम कोटा नगर निगम बीकानेर नगर निगम; बीकानेर को 2008 में नगर परिषद से नगर निगम बनाया गया था। 2009-2014 (पहला बोर्ड): भवानी शंकर शर्मा, कांग्रेस (सीधे चुनाव)। 2014-2019 (दूसरा बोर्ड): नारायण चौपड़ा, भाजपा (सीधे चुनाव)। 2019-2024 (तीसरा बोर्ड): सुशीला कंवर (राजपुरोहित), भाजपा (निर्दलीयों के समर्थन से)। उदयपुर नगर निगम; 2013 में नगर परिषद से निगम बना। 2014-2019 (पहला बोर्ड): चंद्रसिंह कोठारी, भाजपा (सीधे चुनाव)। 2019-2024 (दूसरा बोर्ड): गोविंदसिंह टांक, भाजपा (पार्षदों द्वारा पूर्ण बहुमत)। अजमेर नगर निगम; अजमेर को 2010 में नगर निगम का दर्जा मिला था। 2010-2015 (पहला बोर्ड): कमल बाकोलिया, कांग्रेस। 2015-2020 (दूसरा बोर्ड): धर्मेंद्र गहलोत, भाजपा। 2021-2026 (तीसरा बोर्ड): बृजलता हाड़ा, भाजपा। भरतपुर नगर निगम; भरतपुर 2014 में नगर निगम बना था। 2014-2019 (पहला बोर्ड): शिवसिंह भोंट, भाजपा 2019-2024 (दूसरा बोर्ड): अभिजीत कुमार, निर्दलीय/कांग्रेस समर्थित।