देसी शराब का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने के आबकारी विभाग के फैसले के विरोध में हनुमानगढ़ जिले के शराब ठेकेदारों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। ठेकेदारों ने देसी शराब से भरे ट्रक को गोदाम में खाली नहीं होने दिया और मांगें पूरी होने तक जीरो बिलिंग जारी रखने का ऐलान किया। उनका कहना है कि जिले में पहले से ही बिक्री के हिसाब से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके बावजूद कोटा बढ़ाकर जरूरत से ज्यादा शराब लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे ठेकेदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोटा बढ़ाने से आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका लिकर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने बताया कि देसी शराब का कोटा बढ़ाने से ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। जिले में पहले से ही बिक्री के अनुरूप पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा शराब खरीदने से अतिरिक्त माल जमा होगा और ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग को बाजार में शराब की वास्तविक बिक्री के आंकड़ों के आधार पर ही सप्लाई का निर्णय लेना चाहिए, ताकि अनावश्यक स्टॉक जमा न हो। गोदाम में ट्रक खाली नहीं होने दिया, जीरो बिलिंग जारी रखने का ऐलान कोटा बढ़ाने के फैसले के विरोध में ठेकेदारों ने देसी शराब से भरे ट्रक को गोदाम में खाली नहीं होने दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक जीरो बिलिंग जारी रहेगी और शराब से भरे किसी भी ट्रक को गोदाम में नहीं उतारा जाएगा। ठेकेदारों का कहना है कि विभाग को उनकी समस्याओं को समझते हुए बिक्री के अनुपात में ही शराब की आपूर्ति करनी चाहिए। दो साल पुरानी शराब देने का भी आरोप ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि विभाग जरूरत से ज्यादा देसी शराब की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने दो साल पुरानी देसी शराब दिए जाने का भी आरोप लगाया। ठेकेदारों के मुताबिक, बाजार में मांग और बिक्री का आकलन किए बिना कोटा बढ़ाने से स्टॉक जमा होने की समस्या बढ़ेगी। उन्होंने विभाग से बिक्री के आंकड़ों की समीक्षा कर उसी के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। मांगें उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों की मांगों और समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही है। हालांकि, कोटा बढ़ाने के फैसले को लेकर ठेकेदारों की नाराजगी बनी हुई है। अब सभी की निगाहें उच्चाधिकारियों के निर्णय पर टिकी हैं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की आशंका है। प्रदर्शन में ये ठेकेदार रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान भुपेन्द्र सुड्डा, अंकुर गोदारा, विष्णु स्वामी, बलराज सिंह, पलविन्द्र सिंह, अनुज रणवां, पवन खिचड़, मदन झोरड़ और विनोद खिचड़ सहित अन्य शराब ठेकेदार मौजूद रहे।