प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को मानसिक तनाव से दूर रखकर पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने और स्कूलों में खुशनुमा माहौल बनाने के लिए हनुमानगढ़ में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में 'खुशी शाला-खुद की खोज' कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तर पर पीईईओ के प्राथमिक शिक्षकों का तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें टिब्बी, संगरिया और पीलीबंगा ब्लॉक के एल-1 शिक्षक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण देना है, जिसमें वे बिना झिझक अपनी बात कह सकें और खुशी-खुशी स्कूल आकर पढ़ाई में रुचि लें। बच्चों के लिए सहज और सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर डाइट के डीआरयू प्रभाग प्रभारी जसमीत सिंह ने बताया कि 'खुशी शाला-खुद की खोज' कार्यक्रम का मकसद बच्चों और शिक्षकों को मानसिक तनाव से मुक्त रखते हुए सीखने-सिखाने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे कक्षा में ऐसा वातावरण बनाएं, जहां बच्चे सहज महसूस करें और बिना किसी झिझक के अपनी बातें रख सकें। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और शिक्षक भी तनावमुक्त होकर बेहतर तरीके से अध्यापन कर सकेंगे। अब हर पीईईओ स्तर से एक शिक्षक को मिलेगी ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाया गया है। पहले हर साल 40 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन अब प्रत्येक पीईईओ स्तर से एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इस नवाचार का लाभ पहुंचाना है। तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण ब्लॉकवार आयोजित किया जा रहा है। चार ब्लॉकों का प्रशिक्षण पूरा, अब रावतसर की बारी जसमीत सिंह ने बताया कि अब तक चार ब्लॉकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। सोमवार से रावतसर ब्लॉक के शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके बाद नोहर और भादरा ब्लॉक के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की भावनात्मक जरूरतों को समझने और कक्षा में सीखने के लिए अनुकूल माहौल विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।