ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर-एनआईएचआर) जोधपुर ने संयुक्त अनुसंधान केंद्र शुरू किया है। इसके तहत एआई बेस्ट 10 तरह के स्वदेशी जांच उपकरण विकसित किए जाएंगे। इनसे ईसीजी, ब्ल्ड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, शुगर, एचबीए1सी और डब्ल्यूबीसीसमेत अन्य जरूरी जांच कम लागत में हो सकेगभ्। केंद्र का शुभारंभ आईसीएमआर-एनआईएचआर के निदेशक प्रो. (डॉ.) पंकज भारद्वाज और आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने किया। विकसित उपकरणों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप डिजिटल स्वास्थ्य मंच से जोड़ा जाएगा, जो इंटरनेट के बिना भी काम कर सकेगा। इंटरनेट उपलब्ध होने पर जांच रिपोर्ट डिजिटल रिकॉर्ड में अपडेट होगी। इतना ही नहीं एआई डॉक्टरों को जांच और ट्रीटमेंट संबंधी गाइडेंस में सहायता करेगा लेकिन अंतिम निर्णय डॉक्टर्स का ही होगा। केंद्र के तहत 10 उपकरणों के सैंपल तैयार करने की प्ला​निंग है। इनमें से पांच से छह उपकरण क्षेत्र में उपयोग के लिए तैयार होंगे। कार्यक्रम में डॉ. सुमित कालरा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी जोधपुर और डॉ. रमेश कुमार हुड्डा, वैज्ञानिक-डी, आईसीएमआर-एनआईएचआर ने केंद्र का उद्देश्य और कार्ययोजना प्रस्तुत की।