प्रतापगढ़ | शहर के बाजारों में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब रसद विभाग की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 9 प्रतिष्ठानों से 19 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। कुछ जगह कार्रवाई की भनक पहले लग गई। वहां से सिलेंडर हटाए गए। इसके बाद भी टीम ने जांच जारी रखी। कार्रवाई की शुरुआत एक गैस एजेंसी संचालक की शिकायत से हुई। शिकायत 9 अक्टूबर को जिला कलेक्टर शुभम चौधरी को दी गई थी। कलेक्टर ने इसे रसद विभाग को भेजा। डीएसओ बलाई ने विशेष टीम बनाई। औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे टीम समता टॉकीज के पास पहुंची। यहां एक प्रतिष्ठान से 4 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। इसके बाद दूसरे इलाकों में जांच हुई। कुछ ही देर में 9 जगहों पर कार्रवाई हुई। कुल 19 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। टीम जब बस स्टैंड और आसपास के इलाके में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट की जांच करने पहुंची, वहां एक भी घरेलू सिलेंडर नहीं मिला। कार्रवाई की खबर मिलते ही संचालकों ने सिलेंडर हटा दिए थे। टीम ने इसके बाद भी संदिग्ध ठिकानों पर गहन जांच की। जांच में सामने आया कि कई होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट में कमर्शियल सिलेंडर की जगह सस्ते घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा था। इनसे समोसे, पोहा, कचौरी, मिठाइयां जैसी चीजें बनाई जा रही थीं। व्यावसायिक काम में केवल कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग वैध है। इंडेन गैस एजेंसी संचालक तरुण ने 9 अक्टूबर को कलेक्टर को पूरे मामले की जानकारी दी थी। कलेक्टर के निर्देश पर डीएसओ ने टीम बनाई। बीच में कुछ दिनों के अवकाश के कारण कार्रवाई गुरुवार को हो पाई। अब रसद विभाग संबंधित दुकानदारों, संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ी तो संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नहीं तो भारी जुर्माना वसूला जाएगा। जब्त सिलेंडर छोड़े नहीं जाएंगे। राजसात की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹988 है। इसमें 14.2 किलो एलपीजी होती है। खर्च करीब ₹70 प्रति किलो पड़ता है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,839 है। खर्च करीब ₹150 प्रति किलो पड़ता है। इसी कीमत के बड़े अंतर और घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी के कारण व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी जारी है। ^जिला कलेक्टर के आदेश पर प्रवर्तन अधिकारी लाल शंकर डामोर और प्रवर्तन निरीक्षक प्रदीप परमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है, इसमें अन्य कार्मिकों को भी शामिल किया गया है। कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मैं स्वयं भी मौजूद रहा। आज की कार्रवाई में टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 9 प्रतिष्ठानों से 19 सिलेंडर जब्त किए हैं। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जहां जरूरत होगी, वहां पुलिस थानों में मामले दर्ज कराए जाएंगे और अन्य विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरिप्रसाद बलाई, जिला रसद अधिकारी