प्रतापगढ़ राजस्थान की राजनीति में दांव-पेंच और रणनीति का खेल किसी रोमांचक मुकाबले से कम नहीं होता। प्रतापगढ़ पंचायत समिति का राजनीतिक इतिहास भी कुछ ऐसा ही गवाह रहा है, जहां अप्रत्याशित सियासी उठापटक और दिग्गजों की बिसात को धता बताते हुए एक ऐसा राजनीतिक मास्टर स्ट्रोक चला गया, इसकी चर्चा आज भी राजनीतिक गलियारों में होती है। वर्तमान में बदले हुए परिसीमन और नए समीकरणों के बीच प्रतापगढ़ का यह सियासी रण एक बार फिर बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। वर्ष 2020 के पंचायती राज चुनावों के दौरान प्रतापगढ़ पंचायत समिति में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर थी। कुल 19 वार्डों वाली इस पंचायत समिति में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस के खाते में महज 4 वार्ड आए थे। भाजपा की बंपर जीत के बाद पार्टी का बोर्ड बनना तय माना जा रहा था, लेकिन आंतरिक कलह और दो फाड़ हुए धड़ों ने खेल बिगाड़ दिया। पार्टी के कई दिग्गज और वरिष्ठ नेता रमेश मीणा को प्रधान पद की कुर्सी पर देखने के बिल्कुल पक्ष में नहीं थे, क्योंकि वे खुद इस पद के प्रबल दावेदार थे। पार्टी के भीतर विरोध का सामना करते हुए रमेश मीणा ने एक ऐसा राजनीतिक मास्टर स्ट्रोक चला, जिसने बड़े-बड़े दिग्गजों को चित कर दिया। उन्होंने पार्टी के विरोध के बावजूद सीधे तौर पर निर्दलीय के रूप में प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। इस रणनीति के तहत उन्हें भाजपा के बागी धड़े और कांग्रेस के कुछ वार्ड सदस्यों का समर्थन मिला परिणामस्वरूप, रमेश मीणा ने 11 वोट हासिल कर प्रतापगढ़ के इतिहास में एक दुर्लभ घटना को अंजाम दिया और पंचायत समिति की गद्दी पर कब्जा जमा लिया। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस जादुई आंकड़े (11 वोट) में 7 वोट भाजपा खेमे के और 4 वोट कांग्रेस के पार्षदों के शामिल थे। बता दें कि रमेश कुमार मीणा ने वार्ड नंबर 6 से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पकड़ का लोहा मनवाया था। एक नजर में: अब तक पंचायत समिति में रहे प्रधान : प्रतापगढ़ पंचायत समिति के गठन से लेकर अब तक कई राजनीतिक चेहरों ने इसकी कमान संभाली है: चुन्नी लाल सालवी: 1960 से 1977 केशर सिंह: 1982 से 1988 ईश्वर सिंह पाटीदार: 1988 से 1991 सुमित्रा मीणा: 1995 से 2000 गेंदमल मीणा: 2005 से 2010 हेमंत मीणा: 2010 से 2015 कारीबाई मीणा: 2015 से 2020 रमेश कुमार मीणा: 2020 से 2025 अब मैदान में उतरीं पत्नी: सबसे बड़े वार्ड नंबर 23 से उम्मीदवार कल्पना मीणा : अपनी राजनीतिक सुझबूझ और दबदबे के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व प्रधान रमेश मीणा अब अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतार रहे हैं। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कद्दावर नेता की पत्नी कल्पना मीणा को वार्ड नंबर 23 से भाजपा का आधिकारिक प्रत्याशी बनाया गया है। यह वार्ड जिले का सबसे बड़ा वार्ड माना जा रहा है, जहां मतदाताओं की संख्या करीब 44,500 है। क्षेत्रफल और मतदाताओं की विशालता के कारण इस वार्ड से चुनाव लड़ने में अमूमन हर कोई कतराता है, लेकिन पार्टी के निर्देश पर रमेश मीणा ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए अपनी पत्नी को मैदान में उतार दिया है। रमेश मीणा समय के साथ चुनावी भूगोल और परिसीमन ने प्रतापगढ़ पंचायत समिति के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। पूर्व में जहां इस पंचायत समिति के अंतर्गत 19 वार्ड आते थे, वहीं नए परिसीमन के बाद अब इनकी संख्या घटकर 17 रह गई है। प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल के तहत सामली पठार ग्राम पंचायत को अब धमोत्तर पंचायत समिति से जोड़ दिया गया है, जो कि बड़ी सादड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इसी प्रकार, ओड़वाड़ा और बड़ी लाख को सुहागपुरा से अटैच कर दिया गया है। इन बदलावों ने आगामी चुनावी रण की बिसात को पूरी तरह से नए सिरे से सजा दिया है। इस महा-वार्ड के दायरे में बरड़िया, खेड़ा, थड़ा, रठांजना, बरखेड़ा, खोरिया, केसरपुरा, बंबोरी, नारायण खेड़ा, धमोत्तर, बावड़ी खेड़ा, टीला, नालवा, मधुरा तालाब, ऊंटा खेड़ा, तरी पीपली, नारसिंह खेड़ा, मेरिया खेड़ी और टीकनियां जैसी प्रमुख ग्राम पंचायतें आती हैं। आगामी चुनावों को लेकर प्रशासन द्वारा वार्डवार आरक्षण की स्थिति स्पष्ट कर दी गई है, इसके तहत विभिन्न वर्गों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं: सामान्य महिला: वार्ड नंबर 1, 12, 13, 17 सामान्य (अनारक्षित): वार्ड नंबर 2, 5, 14, 15 अन्य पिछड़ा वर्ग: वार्ड नंबर 3 अनुसूचित जाति: वार्ड नंबर 4 अनुसूचित जनजाति: वार्ड नंबर 6, 7, 10 अनुसूचित जनजाति महिला : वार्ड नंबर 8, 9, 11 अनुसूचित जाति महिला: वार्ड नंबर 16