भास्कर न्यूज | बूंदी नगर परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर की तस्वीर कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बदल दी है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं, पूर्व पार्षदों और स्थानीय स्तर पर पकड़ रखने वाले प्रत्याशियों के निर्दलीय मैदान में उतरने से दोनों प्रमुख दलों के सामने वोटों को एकजुट रखने की चुनौती बनी हुई है। निर्दलीयों के कारण कई वार्डों में मुकाबला केवल पार्टी बनाम पार्टी नहीं रह गया है, बल्कि व्यक्ति की पकड़, पुराने संपर्क और स्थानीय नाराजगी भी निर्णायक भूमिका में आ गई है। शहर के करीब 8 से 10 वार्डों में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। वहीं, 15 वार्डों में दो-दो और 9 वार्डों में तीन-तीन निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। 14 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद अब प्रत्याशी घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। मंगलवार को पोलिंग पार्टियां बूथों पर पहुंच जाएंगी। शहर का वार्ड 27 सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल है। यहां 1389 मतदाता हैं, जिनमें 688 पुरुष और 701 महिलाएं है। भाजपा से भरतकुमार शर्मा और कांग्रेस से शिवराम गुर्जर के अलावा तीन निर्दलीय मैदान में है। इनमें नगर परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष मुकेश माधवानी, पूर्व में निर्दलीय जीत चुके हरि गुर्जर और केसरीलाल शामिल हैं। इस वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पहचान दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। पूर्व में चुनाव जीत चुके या सदन में सक्रिय रहे प्रत्याशियों का अपना समर्थक वर्ग होने से भाजपा-कांग्रेस का वोट सीधे प्रभावित हो सकता है। वार्ड 55 में 900 मतदाताओं के बीच कांग्रेस के रामहेत और भाजपा के राजेंद्र सिंह के अलावा 5 निर्दलीय मैदान में हैं। यहां सात प्रत्याशी होने से वोटों का बिखराव लगभग तय माना जा रहा है। वार्ड 54 में 1817 मतदाता हैं। कांग्रेस के भरतराम और भाजपा के मनफूलसिंह के सामने तीन निर्दलीय हैं। इनमें कांग्रेस के पूर्व पार्षद देवराज गोचर निर्दलीय मैदान में हैं। ऐसे में यहां भी पूर्व राजनीतिक पहचान मुकाबले को रोचक बना रही है। वार्ड 18 में भाजपा के नगेंद्र शर्मा और कांग्रेस के रोहित दाधीच के सामने चार निर्दलीय प्रत्याशी हैं। यानी यहां भी दोनों दलों को अपने पारंपरिक वोटों को सुरक्षित रखने के साथ निर्दलीयों के प्रभाव को कम करने की चुनौती है। वार्ड 16 में सबसे ज्यादा 8 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां 1604 मतदाता हैं, जिनमें 807 पुरुष और 797 महिलाएं हैं। कांग्रेस से सुरेंद्र और भाजपा से सुशील मेहता के अलावा 6 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें विशाल शर्मा पहले कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि हरीश कपूर कांग्रेस से पार्षद रह चुके हैं।