जिस सॉफ्ट टेनिस खेल ने भारत को एशियाई खेलों में मेडल दिलाया और जिसकी तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं, राजस्थान शिक्षा विभाग की अनदेखी ने उसी के खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की राष्ट्रीय सूची में शामिल होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने इस खेल को अपने सालाना खेलकूद कैलेंडर में जगह ही नहीं दी। विभाग की इस एक लापरवाही से सॉफ्ट टेनिस की एंट्री पर ताला लग गया है और राजस्थान के सैकड़ों स्कूली खिलाड़ी नेशनल टूर्नामेंट में जाने से रोक दिए गए हैं। उदयपुर के जनजाति अंचल (धार, बड़गांव) से लेकर जयपुर, पाली, भीलवाड़ा, टोंक, कोटपूतली, दौसा और झालावाड़ के दर्जनों स्कूलों में इस खेल के होनहार खिलाड़ी मौजूद हैं। सीमित संसाधनों में तैयारी कर रहे 14, 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिका खिलाड़ी सिर्फ विभागीय लालफीताशाही का शिकार हो रहे हैं। बता दें, उदयपुर में इस खेल के 150, जबकि प्रदेश भर में 1500 से ज्यादा खिलाड़ी हैं। उदयपुर से विभिन्न वर्गों में 50 खिलाड़ी स्टेट में खेलने जाते रहे हैं। 11 नेशनल कोच व रेफरी मौजूद विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि राजस्थान शिक्षा विभाग के पास खुद के ऐसे शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) मौजूद हैं, जो राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणित कोच और रेफरी हैं। इनमें उदयपुर से नीरज बत्रा, डॉ. भैरू सिंह राठौड़ और महिपाल सिंह सारंगदेवोत, जयपुर से प्रेमचंद सैनी, परसराम शर्मा, टोंक से हनीफ पठान, देवीलाल वैष्णव, भीलवाड़ा से तेजसिंह, पाली से पुष्पलता सोनी, दौसा से सुरेश शर्मा और कोटपूतली से नेमीचंद सैनी शामिल हैं। दिसंबर में राष्ट्रीय प्रतियोगिता राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. भैरू सिंह राठौड़ और खेलप्रेमियों ने मांग की है कि मध्य प्रदेश के देवास में आयोजित होने वाली 14, 17 व 19 वर्ष आयु वर्ग की एसजीएफआई राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तुरंत राजस्थान टीम की ट्रायल घोषित की जाए। समय रहते फैसला नहीं हुआ तो प्रदेश के युवाओं की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। 3 साल से गुहार: सांसद, विधायक से लेकर एसोसिएशन ने लिखा पत्र सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने हाल ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर सॉफ्ट टेनिस को विभागीय खेल कैलेंडर में तुरंत शामिल करने की मांग की है। इधर, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने भी शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर राउमावि धार (बड़गांव) में चयन ट्रायल व कैंप आयोजित कर देवास प्रतियोगिता में टीम भेजने का आग्रह किया है। राजस्थान सॉफ्ट टेनिस एसोसिएशन के सचिव अरविंद कुमार का कहना है कि विभाग को साफ प्रस्ताव दिया कि यदि बजट की समस्या है तो संघ अपने खर्च पर राजस्थान की टीम भेजेगा, विभाग केवल तकनीकी स्वीकृति दे। इस बीच पीईईओ एवं प्रधानाचार्य (धार) ने भी सांसद को ज्ञापन देकर खिलाड़ियों की पीड़ा उठाई है।