राजस्थान के ब्यावर जिले का ‘स्वामी ब्रह्मानंद वृद्धाश्रम’ 400 बेघर बुजुर्गों का घर है। खास बात यह है कि 26 साल में कभी चंदे की कोई रसीद बाजार या लोगों के घर नहीं गई। साल 2000 में 5 स्थानीय व्यापारियों ने ‘देने का सुख’ की भावना के साथ शुरू किया गया वृद्धाश्रम अनूठा मॉडल बन गया है। आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को सुबह 6:30 बजे गर्म चाय, 8:15 बजे पौष्टिक नाश्ता, दोपहर 11 बजे सात्विक भोजन, दोपहर 3:15 बजे चाय, शाम 6 बजे रात्रि भोजन और रात 8 बजे गर्म दूध व दवाएं मिलती हैं। जो भोजन आश्रम के बुजुर्गों को​ मिलता है वही ब्रह्मधाम के संतों को परोसा जाता है। आश्रम के बुजुर्गों की जुबानी: ‘अब तो यही हमारा घर है-परिवार है’ परमेश्वरी देवी बुधवानी : मैं 20 साल से यहां रह रही हूं। एक बेटी थी, वह भी गुजर गई। अब आश्रम मेरा असली परिवार है। विशनी देवी (मंदसौर) : मैं 19 साल से यहां हूं। इस दौरान कभी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। महेश-भारती बोधानी (रायपुर): अब यही हमारा आशियाना है। पत्नी यहीं रसोई में भोजन की जिम्मेदारी संभालती है। अन्नपूर्णा उच्चपा उक्कली (हुबली): मैं अपने पति उच्चपा रामापा के साथ रहती हूं। बेटी यहीं आकर हमारा हालचाल जान लेती है। बिना मांगे ही आता है दान आश्रम के संचालन पर रोज 5-6 हजार रुपए लगते हैं। यानी महीने के 1.5 लाख रुपए। मंडल के अध्यक्ष गणपतलाल सर्राफ कहते हैं- संस्था ने तय किया था कि वे कभी किसी के पास चंदे के लिए नहीं जाएंगे। जिसे देना होता है वह आकर देता है। आश्रम का बही-खाता कोई भी आकर चेक कर सकता है। व्यवहार से मिलती है जगह अपनों के ठुकराए और मानसिक वेदना झेल रहे 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों से आश्रम में कोई लंबी जांच-पड़ताल या जटिल कागजी कार्रवाई नहीं मांगी जाती। असहाय बुजुर्गों को पहले एक सप्ताह तक रखकर उनका आचरण व व्यवहार देखा जाता है, जिसके बाद समिति उन्हें स्थायी स्वीकृति दे देती है। हम नहीं मांगते चंदा, वही लेते हैं जो लोग खुद आश्रम आकर दे जाते हैं आश्रम के खर्च के लिए हम कभी किसी से चंदा नहीं मांगते। बहुत सारे लोग जो खुद आकर दे जाते हैं, उन्हें स्वीकार कर लेते हैं। -गणपतलाल सर्राफ, अध्यक्ष, स्वामी ब्रह्मानंद सत्संग मंडल, ब्यावर आश्रम के दरवाजे हर जाति, धर्म और वर्ग के दुखी बुजुर्गों के लिए खुले हैं। जब से मंडल से जुड़ा हूं, ईश्वर और समाज के सहयोग से यहां कभी किसी व्यवस्था में कमी नहीं आई। -नरेंद्र झंवर, मंत्री, स्वामी ब्रह्मानंद सत्संग मंडल, ब्यावर