जैसलमेर शहर के रामगढ़ रोड स्थित आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के बाहर बुधवार सुबह मिले नवजात के क्षत-विक्षत शव के मामले में गुरुवार को दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा। शहर कोतवाली पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि नवजात कहां से आया और उसे लावारिस हालत में कौन छोड़कर गया। शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पिछले दो दिनों में शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों सहित प्रसूति केंद्रों के रिकॉर्ड खंगाले हैं। जांच में सामने आया कि पिछले 48 घंटों में इन अस्पतालों में कुल 7 बच्चों का जन्म हुआ। राहत की बात यह है कि सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने परिजनों के पास सुरक्षित हैं। दो दिन में 7 बच्चों का जन्म, सभी सुरक्षित अस्पतालों के रिकॉर्ड में जन्मे सभी 7 बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस अब इस आशंका के आधार पर भी जांच कर रही है कि नवजात को किसी बाहरी इलाके, घर में हुए प्रसव या सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र से लाकर यहां फेंका गया हो। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया था और उसे कहां से लाया गया था। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस की अलग-अलग टीमें घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। साथ ही संदिग्ध तरीके से आवाजाही करने वाले वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नवजात को वहां फेंकने के समय वह जीवित था या उसकी मृत्यु हो चुकी थी। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी का सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है।