जैसलमेर में अक्टूबर के आखिरी दिनों में तेज गर्मी से लोगों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही है। सूरज के तीखे तेवर के देखने को मिल रहे हैं। जहां गुलाबी ठंड होनी चाहिए वहां शहर में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। दिन में चिलचिलाती धूप और रात के समय भी उमस बरकरार रहने के कारण आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कल से लेकर अगले पूरे हफ्ते तक जैसलमेर में आसमान साफ रहने और बारिश की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, जिससे अगले हफ्ते भी लोगों को इसी तरह की तेज धूप और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। दीवाली की आहट पर तीखी धूप आमतौर पर दीवाली के आसपास रेगिस्तानी इलाकों में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है और लोग मौसम का लुत्फ उठाते हैं। हालांकि इस बार दिन ढलने के बाद भी गर्मी और उमस से कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है। ठंडी हवा की जगह चिपचिपी उमस ने ले ली। इन दिनों भी लोग दिन भर मुंह पर गमछा लपेटकर और छाता लेकर सड़कों पर निकलने को मजबूर हैं। रात में भी गर्मी से राहत नहीं मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जैसलमेर में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो इस सीजन के सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं रात का न्यूनतम तापमान भी 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। इसका सीधा मतलब यह है कि न तो दिन में सुकून मिल रहा है और न ही रात को ठंडक का अहसास हो रहा है। पर्यटन सीजन पर मौसम का डबल अटैक अक्टूबर का महीना जैसलमेर के टूरिज्म सेक्टर के लिए पीक सीजन की शुरुआत माना जाता है। दूर-दराज से आने वाले टूरिस्ट्स को उम्मीद होती है कि वे सुनहरे धोरों पर सुहाने मौसम का लुत्फ उठाएंगे, लेकिन इस बार तपती धूप और तीखी उमस ने सैलानियों का प्लान भी थोड़ा गड़बड़ा दिया है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि अगर मौसम जल्द नहीं बदला तो वीकेंड पर घूमने आने वाले टूरिस्ट्स की चहल-पहल पर असर पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है।