जालोर में रोडवेज बस और टैक्सी की भिड़ंत ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। देर शाम दोनों बच्चों और मां का अंतिम संस्कार हुआ तो गांव में हर किसी की आंखें नम हो गई।
एक बेटा अभी भी गंभीर घायल है जिसका उदयपुर में इलाज जारी है। परिजनों ने बताया- 8 महीने पहले ही पिता की मौत हार्ट अटैक से हुई थी।
परिवार में अब सिर्फ 2 बच्चे ही रह गए हैं। उदयपुर में भर्ती 8 साल का राजू और 10 साल की जानवी जो अपने मामा मामी के पास है। मां, बेटी और बेटे के अंतिम संस्कार गुरुवार रात आहोर उपखंड के चूंडा गांव में एक ही चिता पर किया गया। पढ़ें हादसे के बाद की ये रिपोर्ट…
जालोर के भीनमाल-जालोर स्टेट हाईवे पर सामने से आ रही रोडवेज ने टेंपो को टक्कर मार दी। रामसीन थाना इलाके के भरुडी गांव में हुई इस घटना में मां ललिता देवी (42), बेटा कैलाश (19) और बेटी सुमन कुमारी (17) की मौत हो गई थी। हादसे में सबसे छोटा बेटा 8 साल का राजू गंभीर घायल है। ननद की गोद भराई में शामिल होने गया था परिवार
परिजन नरेंद्र कुमार दमामी ने बताया- आहोर के चूंडा गांव निवासी और वर्तमान में रामसीन थाना क्षेत्र के मुड़तरा चिली में रहने वाली ललिता देवी पत्नी रमेश कुमार 20 अक्टूबर को अपने बेटे कैलाश, बेटी सुमन और छोटे बेटे राजू के साथ कानीवाड़ा निवासी अपनी ननद रेखा देवी पत्नी गोपाराम के यहां गई थीं। जालोर में रुका था परिवार वहां नवरात्रि व्रत खुलवाने और गोद भराई की रस्म में शामिल होने के बाद परिवार ने रात वहीं बिताई। अगले दिन 21 अक्टूबर को परिवार जालोर पहुंचा। यहां एफसीआई कॉलोनी में अपने चचेरे भाई शिवलाल और भांजी सहित रिश्तेदारों से मुलाकात की। इसके बाद परिवार रात में भांजी के यहां रुका। नाश्ता कर निकले, रास्ते में हो गया हादसा नरेंद्र ने बताया गुरुवार 22 अक्टूबर की सुबह परिवार ने भांजी के घर चाय-नाश्ता किया और करीब 8 बजे टैक्सी से रवाना हो गया। एक ही आंगन से उठीं तीन अर्थियां हादसे के बाद तीनों शवों को आहोर उपखंड के चूंडा गांव ले जाया गया। वहां अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद एक ही आंगन से मां और उसके दोनों बच्चों की अर्थियां उठीं। इसके बाद तीनों शवों को श्मशान भूमि ले जाया गया, जहां देर रात करीब 9 बजे ललिता देवी, कैलाश और सुमन का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। आंगनबाड़ी में सहायिका थी पिता की मौत के बाद मां ही बच्चों का सहारा थीं, आंगनबाड़ी केन्द्र में सहायिका के रूप में काम कर परिवार पाल रही थी। लेकिन इस हादसे ने परिवार से मां और दो बच्चों को भी छीन लिया। अब 10 वर्षीय जानवी घर पर है, जबकि घायल राजू उदयपुर में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद शोक का माहौल है। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बस-टेंपो की भिड़ंत में मां, बेटा-बेटी की मौत: एक बच्चा गंभीर घायल, मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे; नवरात्रि में ही खरीदा था टेंपो जालोर में रोडवेज बस और टेंपो में आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में मां, बेटा-बेटी की मौत हो गई और एक बच्चा गंभीर घायल हो गया। पूरी खबर पढ़िए