जालोर के सुन्देलाव तालाब की पाल पर अमृत योजना 2.0 के तहत करीब 1.96 करोड़ रुपए की लागत से घाट निर्माण कराया जा रहा है। वार्ड-38 की पार्षद बसंती देवी ने निर्माण में घटिया सामग्री लगाने और तय मापदंडों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। पार्षद ने काम रुकवाने, ठेकेदार का भुगतान रोकने और तकनीकी अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है। सभापति बंशीलाल माली ने भी शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच कराने की बात कही है। ईंटों के नीचे बजरी और सूखा सीमेंट मिलने का दावा पार्षद बसंती देवी के पति ओमप्रकाश और भास्कर टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की स्थिति देखी। इस दौरान ईंटों को हटाकर देखने पर उनके नीचे बजरी और सूखा सीमेंट दिखाई देने का दावा किया गया। आरोप है कि सीमेंट की मात्रा कम होने के कारण ईंटों से बनाई गई सीढ़ियां हाथ लगाने पर बिखर रही थीं। मौके पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए। एक अन्य स्थान पर प्लास्टर हाथ से उखड़ने और उसके नीचे बजरी दिखाई देने का दावा भी किया गया। सरिए लगाने में भी अनियमितता का आरोप तालाब की पाल पर स्थित जागनाथ महादेव मंदिर के अध्यक्ष कमलेश गहलो ने बताया कि घाट की पीचिंग में कुछ जगह लोहे के सरिए लगाए गए हैं, जबकि कई जगह सरिए नहीं डाले गए। उन्होंने निर्माण में बजरी का अधिक और सीमेंट का कम इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। कमलेश सोलंकी के अनुसार, इस मामले में सभापति और आयुक्त को भी शिकायत दी गई थी। XEN और तकनीकी अधिकारियों से जांच कराने की मांग पार्षद बसंती देवी ने मांग की है कि एक्सईएन (XEN) और सक्षम तकनीकी अधिकारियों से निर्माण कार्य की विस्तृत जांच कराई जाए। इसमें सीमेंट-कंक्रीट की गुणवत्ता, निर्माण की मोटाई, लेवल, माप और इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री की नियमानुसार जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य और संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोका जाए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो। 29 अप्रैल 2025 को हुआ था भूमि पूजन सुन्देलाव तालाब पर घाट निर्माण कार्य का भूमि पूजन 29 अप्रैल 2025 को जालोर विधायक एवं मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने किया था। अमृत योजना 2.0 के तहत करीब 1.96 करोड़ रुपए की लागत से यह काम कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, घाट की पीचिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि निर्माण के अन्य काम बाकी हैं। अब निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद तकनीकी जांच की मांग की जा रही है। सभापति बोले- शिकायत मिली है, जांच कराएंगे सभापति बंशीलाल माली ने बताया कि घाट निर्माण में खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर जांच में कमी या खराब गुणवत्ता का काम मिलता है, तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आयुक्त से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया।