झालावाड़ में किसानों को अनुदानित उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत जिले के घाटोली स्थित श्रीराम कृषि सेवा केंद्र से 595 उर्वरक बैग जब्त किए गए हैं। जांच में किसानों को बिल नहीं देना, तय दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचना और अवैध भंडारण जैसी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने केंद्र के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, राज्य सरकार ने अनुदानित यूरिया और डीएपी की जमाखोरी, दुरुपयोग और औद्योगिक इकाइयों में अवैध रूप से भेजे जाने पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अनुदानित खाद का गैर-कृषि कार्यों में इस्तेमाल नहीं होगा बर्दाश्त कृषि विभाग के अनुसार, सब्सिडी वाले उर्वरकों का गैर-कृषि कार्यों में इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी अनियमितताओं में शामिल विक्रेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। कृषि आयुक्तालय ने इस संबंध में प्रदेशभर के लिए निर्देश जारी किए हैं। इनमें अनुदानित यूरिया और डीएपी के दुरुपयोग, जमाखोरी और औद्योगिक इकाइयों की ओर डायवर्जन रोकने के लिए सतर्कता एवं निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यूरिया पर 2700 और डीएपी पर 3500 रुपए तक सब्सिडी कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार यूरिया के प्रत्येक बैग पर करीब 2700 रुपए और डीएपी के प्रत्येक बैग पर करीब 3500 रुपए तक सब्सिडी देती है। इसका उद्देश्य किसानों की खेती की लागत कम करना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अनुदानित उर्वरकों का औद्योगिक या अन्य गैर-कृषि कार्यों में इस्तेमाल किसानों के हितों और सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। कालाबाजारी करने वालों को तीन माह से सात साल तक की सजा कृषि आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत उर्वरकों को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में रखा गया है। अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन पर तीन माह से सात वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। धारा 10 के तहत दोषी कंपनियों के साथ-साथ उनके जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को नियमानुसार जब्त करने का प्रावधान है। अवैध परिवहन और जमाखोरी पर बढ़ेगी निगरानी राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध परिवहन, जमाखोरी और अनुदानित उर्वरकों के डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए मिलने वाली सब्सिडी का लाभ किसानों तक ही पहुंचना चाहिए और इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।