झालावाड़ मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े अस्पतालों के अधिकारियों-कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। एरियर का भुगतान भी लंबित होने से आर्थिक परेशानी झेल रहे कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ गया। कर्मचारियों गुरुवार को ने दो घंटे की गेट मीटिंग कर विरोध जताया और बकाया वेतन व एरियर जल्द जारी करने की मांग की। इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और राजस्थान के चिकित्सा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भुगतान में हो रही देरी का समाधान करने की मांग उठाई। दो महीने से वेतन अटका, घर खर्च चलाना मुश्किल कर्मचारियों का कहना है कि वेतन परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों का आधार है। दो महीने से भुगतान नहीं होने के कारण घर का खर्च चलाने, बच्चों की जरूरतें पूरी करने और अन्य जरूरी भुगतान करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एरियर का भुगतान भी रुका हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। कर्मचारियों ने मांग की कि बकाया वेतन और लंबित एरियर का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। गेट मीटिंग के बाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन वेतन भुगतान में देरी के विरोध में कर्मचारियों ने दो घंटे तक गेट मीटिंग कर अपनी मांगों को उठाया। इसके बाद कर्मचारियों के एक दल ने झालावाड़ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री, राजस्थान सरकार के नाम दिए गए ज्ञापन में बकाया वेतन और लंबित एरियर तत्काल जारी करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार तक मांग पहुंचाएगा और जल्द समाधान होगा। कई कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर उठाई आवाज विरोध प्रदर्शन में सेवारत राजकीय चिकित्सक संगठन, नर्सेज संगठन, फार्मासिस्ट संगठन, लैब टेक्नीशियन संगठन, रेडियोग्राफर संगठन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि एवं कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने वेतन और एरियर के शीघ्र भुगतान की मांग को प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, ताकि मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।