झुंझुनूं जिला परिषद में 1959 से 2020 तक जिला प्रमुख की कुर्सी पर कांग्रेस के नेताओं का दबदबा रहा। इस दौरान शीशराम ओला ने करीब 16 साल 6 महीने तक पद संभाला, जबकि बृजेन्द्र सिंह ओला दो बार जिला प्रमुख बने। बीच में दो बार प्रशासकों के हाथों भी व्यवस्था रही। दिसंबर 2020 के चुनाव में भाजपा ने 35 में से 20 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया और हर्षिनी कुल्हरी जिला प्रमुख चुनी गईं। इसके साथ जिला परिषद के नेतृत्व में कांग्रेस का क्रम बदला। भाजपा ने 35 में से 20 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया और हर्षिनी कुल्हरी जिला प्रमुख चुनी गईं। इस तरह करीब छह दशक से अधिक के राजनीतिक सफर में जिला प्रमुख की कुर्सी पर पहली बार भाजपा का नाम दर्ज हुआ। 1959 में श्रीराम बासोटिया से शुरुआत, 2020 में हर्षिनी कुल्हरी तक पहुंचा सफर झुंझुनूं में जिला प्रमुखों का इतिहास श्रीराम बासोटिया से शुरू होता है। उन्होंने 2 अक्टूबर 1959 से 1 मार्च 1961 तक जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद शीशराम ओला जिला प्रमुख बने और 9 अगस्त 1977 तक पद पर रहे। उनका कार्यकाल करीब 16 साल 6 महीने का था, जो उपलब्ध सूची में सबसे लंबा है। शीशराम ओला के कार्यकाल के बाद 1977 से 1982 तक जिला परिषद की व्यवस्था प्रशासक के हाथों में रही। इसके बाद 1982 में हरदेव सिंह भारू ने जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। 1988 में बृजेन्द्र सिंह ओला जिला प्रमुख बने। उनका पहला कार्यकाल 1991 तक रहा। इसके बाद 1991 से 1995 तक फिर प्रशासक का दौर दर्ज है। वर्ष 1995 में प्रहलाद सिंह यादव जिला प्रमुख बने। उनके बाद मदन सिंह गिल ने जिम्मेदारी संभाली, लेकिन उनका कार्यकाल करीब 11 महीने का रहा। फरवरी 2000 में बृजेन्द्र सिंह ओला दूसरी बार जिला प्रमुख बने। वे फरवरी 2005 तक इस पद पर रहे। इसके बाद डॉ. राजबाला ओला, हनुमान प्रसाद और सुमन रायला ने जिला परिषद का नेतृत्व किया। उपलब्ध सूची के अनुसार, इन कार्यकालों में कांग्रेस के नेताओं का नाम दर्ज रहा। दिसंबर 2020 में भाजपा की हर्षिनी कुल्हरी जिला प्रमुख चुनी गईं। उनके निर्वाचन के साथ जिला परिषद में कांग्रेस के लंबे राजनीतिक वर्चस्व का क्रम बदल गया। ओला परिवार के तीन नाम, शीशराम ओला का सबसे लंबा कार्यकाल झुंझुनूं जिला परिषद के इतिहास में ओला परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। शीशराम ओला ने 1977 तक जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद बृजेन्द्र सिंह ओला 1988 से 1991 तक और फिर फरवरी 2000 से फरवरी 2005 तक इस पद पर रहे। डॉ. राजबाला ओला 2005 से 2010 तक जिला प्रमुख रहीं। इस तरह उपलब्ध सूची में ओला परिवार के तीन नाम दर्ज हैं। इनमें शीशराम ओला का कार्यकाल सबसे लंबा रहा, जबकि बृजेन्द्र सिंह ओला दो बार जिला प्रमुख बने। 2020 में 35 सीटों में से भाजपा ने जीतीं 20 दिसंबर 2020 के जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने 35 में से 20 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 13 सीटें मिलीं, जबकि 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते। इस चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा की हर्षिनी कुल्हरी जिला प्रमुख चुनी गईं। 2020 के जिला परिषद चुनाव का परिणाम वार्ड नंबर 7 से जीतकर जिला प्रमुख बनीं हर्षिनी कुल्हरी हर्षिनी कुल्हरी ने 2020 के जिला परिषद चुनाव में भाजपा के टिकट पर वार्ड नंबर 7 से चुनाव लड़ा था। यह सीट अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित थी। कुल्हरी को 13,910 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की उम्मीदवार उषा को 10,880 वोट मिले। कुल्हरी ने 3,030 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। वार्ड चुनाव में जीत के बाद जिला प्रमुख के चुनाव में भी कुल्हरी को बहुमत मिला। उन्हें 26 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की अंजू कस्वा को 9 वोट मिले। इसके साथ हर्षिनी कुल्हरी झुंझुनूं जिला परिषद की जिला प्रमुख बनीं और 2020 में नेतृत्व का राजनीतिक क्रम बदल गया।