झुंझुनूं नगर परिषद का वार्ड 9 इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले वार्डों में शामिल है। परिसीमन के बाद बने इस नए वार्ड में कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। पूर्व नगर परिषद उपसभापति वीरेंद्र डारा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भाजपा ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विकास जनेवा को मैदान में उतारा है। वार्ड में दोनों के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। इस सीट पर वीरेंद्र डारा का लंबे समय से नगर परिषद की राजनीति में सक्रिय रहना और भाजपा का युवा चेहरे पर भरोसा करना चर्चा में है। परिसीमन के बाद बदला वार्ड इस बार पुराने वार्ड 9 और पुराने वार्ड 10 के कुछ हिस्सों को मिलाकर नया वार्ड 9 बनाया गया है। परिसीमन के बाद वार्ड की सीमाएं और मतदाताओं की संख्या में बदलाव हुआ है। इससे चुनावी समीकरण भी बदले हैं। पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार राजनीतिक स्थिति अलग है। इसलिए पुराने चुनाव के नतीजों के आधार पर इस बार का परिणाम बताना आसान नहीं माना जा रहा। डारा के अनुभव के सामने जनेवा का युवा चेहरा पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा 1999 और 2004 में पार्षद रह चुके हैं। 2004 में चुनाव जीतने के बाद वे नगर परिषद के उपसभापति भी बने थे। लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने को उनके प्रचार का मुख्य आधार माना जा रहा है। वहीं भाजपा प्रत्याशी विकास जनेवा छात्र राजनीति से निकले युवा नेता हैं। वे मोरारका कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। जनेवा लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। भाजपा ने उन्हें युवा नेतृत्व के चेहरे के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारा वार्ड 9 में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। ऐसे में चुनावी मुकाबला भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच है। वार्ड में कुल 1367 मतदाता हैं। इनमें 725 पुरुष और 642 महिला मतदाता हैं। जाट और अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा महाजन, ब्राह्मण, सुनार, कुमावत और दर्जी समाज के मतदाता भी चुनाव परिणाम पर असर डाल सकते हैं। वार्ड में कुल 5 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 4 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। पेयजल, ड्रेनेज और सफाई बड़े मुद्दे चुनाव प्रचार के दौरान वार्ड में पेयजल, ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं प्रमुख मुद्दे बनकर सामने आई हैं। इंदिरा नगर एफ-ब्लॉक के कुछ लोगों ने पेयजल की परेशानी बताई है। लोगों ने नई जलापूर्ति व्यवस्था की जरूरत भी बताई है। वहीं मान नगर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने ड्रेनेज व्यवस्था को बड़ी समस्या बताया है। बरसात के समय जलभराव और नियमित सफाई की कमी की बात भी सामने आई है।