जोधपुर के प्रतापनगर सदर थाने में सगे भाई-भाभी के खिलाफ 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस में भाई-भाभी के खिलाफ धोखे से बैंक खाता खोलकर 10 लाख से ज्यादा का लोन हड़पने का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित के घर लोन के कागजात और बैंक की डाक पहुंचने पर धोखाधड़ी का पता चला। बालोतरा जिले के डोली पचपदरा निवासी हड़मानराम पुत्र स्व. सुरजाराम ने कोर्ट के जरिए मुकदमा दर्ज करवाया है, जिसमें बताया कि वह जालौर कैटर्स का काम करता है। उसके पिता के निधन के बाद घर के दस्तावेज उसके भाई के पास ही थे। भाई-भाभी ने धोखे से लिया लोन आरोप है कि 11 मई 2026 को उसके सगे भाई गोपाल उर्फ गोपाराम और उसकी पत्नी कमला व सोहनराम ने मिलकर साजिश रची। इन लोगों ने बॉम्बे मोटर्स चौराहा स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में फर्जी तरीके से खाता खुलवाया और पीरामल फाइनेंस से 10,33,805 रुपये का लोन पास करवा लिया। पीड़ित हड़मानराम का कहना है कि जब यह लोन उठाया गया, तब न तो वह और न ही उसकी बुजुर्ग मां बैंक या फाइनेंस कंपनी गई थी। पीड़ित का आरोप है कि भाई-भाभी ने उसकी मां के अंगूठे के फर्जी निशान लगवाए और भाभी कमला के मोबाइल नंबर दर्ज करवा दिए। यहां तक कि भाई के भी फर्जी हस्ताक्षर कर उसे इस लोन में को-बोरोवर बना दिया गया। डाक से पहुंचे लोन के कागज हाल ही में जब पीड़ित के गांव स्थित घर पर डाक के जरिए लोन और बैंक के डॉक्यूमेंट पहुंचे, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ित ने जब अपने परिवार के अन्य सदस्यों और गांव के पंचों को इकट्ठा कर आरोपियों को समझाया कि पैसे जमा करवाकर मामला यहीं रफा-दफा कर लें, तो आरोपियों ने साफ मान कर दिया और कहा कि तुम्हें जो करना है कर लो, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। इस पर पीड़ित थाने पहुंचा और रिपोर्ट दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। बाद में कोर्ट में परिवाद पेश किया गया।