जोधपुर जिले के पहले चरण में जिले की 6 पंचायत समितियों और जिला परिषद के चुनाव गुरुवार को पूरे हुए। जोधपुर जिले का मतदान प्रतिशत 53.79 रहा। खास बात ये है कि पिछले साल के मुकाबले सभी 4 पंचायत समितियों में मतदान प्रतिशत गिरा है। इनमें सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत चामू और सेखाला में करीब 5 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। वहीं इस बार नई बनी पंचायत समिति आगोलाई और चाबा में रिकॉर्ड वोटिंग हुई है। पहले चरण में सबसे ज्यादा आगोलाई में 75.20 प्रतिशत मतदान हुआ। बताया जा रहा है कि इसका सबसे बड़ा कारण परिसीमन, मतदान बहिष्कार के साथ त्योहार और प्रवासी रहे। दरअसल, दीपावली के चलते अभी त्योहारी सीजन है। ऐसे में कई प्रवासी समय पर नहीं पहुंच पाए। पढ़ें किस पंचायत समिति में कितना कम हुआ मतदान प्रतिशत ये कारण रहे मतदान प्रतिशत के कम होने के त्योहार और प्रवासी: दरअसल, मारवाड़ क्षेत्र के अधिकांश लोग बाहर राज्यों में है। बताया जा रहा है कि दीपावली का सीजन चलते कई प्रवासी नहीं पहुंच पाए। दूसरा इन्हें पंच और सरपंच के चुनाव में आने गांव लाने का प्लान बनाया जा रहा है। ऐसे में वे इन चुनाव में वोट देने नहीं पहुंच पाए। परिसीमन: दूसरा सबसे बड़ा कारण परिसीमन भी है। इस बार आगोलाई और चाबा नई पंचायत समिति बनी है। चाबा शेरगढ़ से अलग होकर बनी थी, जबकि आगोलाई बालेसर से अगल होकर बनी। ऐसे में इस बार के चुनाव में वोटर बंट गए और इसका असर वोटिंग प्रतिशत पर भी रहा। मतदान ब​हिष्कार: शेरगढ़ पंचायत समिति में मतदान कम होने कारण, वहां बहिष्कार भी रहा। यहां करीब 1052 वोटर हैं, लेकिन केवल 12 लोगों ने मतदान किया। ये सीट ओबीसी के लिए आरक्षित करने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। हालांकि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी समझाइश करने पहुंंचे, लेकिन गांव वाले नहीं माने। चामू और सेखाला में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट जिले की चामू और सेखाला पंचायत समिति में 5 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग प्रतिशत गिरा है। 6 में से सबसे ज्यादा वोटिंग प्रतिशत कम चामू में रहा। यहां पिछले चुनाव में मतदान प्रतिशत 67.36 था, जबकि इस बार 61.67 रहा। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार 5.69 प्रतिशत कम मतदान हुआ। वहीं सेखाला में पिछले चुनाव में 66.01 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार 60.95 प्रतिशत रहा। जो पिछले चुनाव की तुलना में 5.06 प्रतिशत कम हुआ है। बालेसर और शेरगढ़ में सबसे कम गिरा मतदान प्रतिशत बालेसर और शेरगढ़ में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत कम गिरा है। हालांकि इस बार चुनाव में जिले की 6 पंचायत समिति में से सबसे कम मतदान प्रतिशत शेरगढ़ का रहा। पिछले चुनाव में शेरगढ़ में 62.77 प्रतिशत मतदान हुआ था। जो इस बार 60.04 प्रतिशत रहा। यानी 2.73 प्रतिशत कम वोट पड़े। इसी तरह बालेसर में पिछले चुनाव में 61.59 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो इस बार 60.66 प्रतिशत रहा। यहां महज 0.93 प्रतिशत ही वोटिंग प्रतिशत कम हुआ है। दो नई पंचायत में बंपर वोटिंग, सबसे ज्यादा आगोलाई में परिसीमन में इस बार आगोलाई और चाबा दो नई पंचायत समिति बनी हैं। इनमें आगोलाई में रिकॉर्ड 75.20 प्रतिशत मतदान हुआ है। पहले चरण में सबसे ज्यादा वोटिंग भी आगोलाई में ही हुई है। वहीं चाबा में 66.46 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। इधर, पहले चरण में हुए मतदान में जिले की बात की जाए तो सुबह से ही मतदान प्रतिशत धीमा रहा। दोपहर 1 बजे बाद सभी पंचायत समिति में वोटिंग प्रतिशत बढ़ा।