सस्ते दामों पर सामान बेचने और होम डिलीवरी का लालच देकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का कामां थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के मामलों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने थाना प्रभारी सुनील कुमार के नेतृत्व में साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई की। जिला डीग साइबर सेल से मिली 1930 शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को बिरार गांव से सवलाना रोड क्षेत्र में गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरफराज (20), आदिल (22), मोहम्मद अरसद (25) निवासी बिरार, थाना कामां तथा मौसम (32) निवासी खाईका, थाना वहीण, जिला पलवल (हरियाणा), हाल निवासी आबाद बिरार, थाना कामां के रूप में हुई है। ऐसे देते थे ठगी को अंजाम पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया एप के जरिए अनजान लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें सस्ते दामों पर सामान बेचने और होम डिलीवरी का लालच दिया जाता था। इसके बाद एडवांस भुगतान के नाम पर फर्जी बैंक खातों के नंबर और स्कैनर भेजकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। पहचान छिपाने के लिए फर्जी नाम से जीमेल, व्हाट्सएप और फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। ठगी से प्राप्त रकम फर्जी खातों में जमा कराकर निजी उपयोग में ली जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में कामां थाना पुलिस के साथ क्यूआरटी और डीएसटी टीमों ने भी सहयोग किया। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।