विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर शनिवार को किशनगढ़बास स्थित बीवीएचओ (BVHO) कार्यालय में डॉग्स के लिए विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य पालतू और आवारा डॉग्स में फैलने वाली गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना और पशु स्वास्थ्य के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना रहा। शिविर में पशुपालकों और डॉग पेट ओनर्स को अपने डॉग्स का समय पर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया। पशु चिकित्सकों ने बताया कि नियमित वैक्सीनेशन न केवल डॉग्स को बीमारियों से बचाता है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। रेबीज से बचाव के लिए टीकाकरण विशेषज्ञों ने खास तौर पर रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि समय पर वैक्सीनेशन से इस जानलेवा बीमारी को रोका जा सकता है और समाज में संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होता है। पशुओं की देखभाल की दी गई अहम जानकारी कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्सकों ने पशुओं की देखभाल, संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पशुपालकों द्वारा बरती गई छोटी-छोटी सावधानियां पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। 35 डॉग्स का हुआ टीकाकरण इस शिविर में क्षेत्र के पशुपालकों, स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 35 डॉग्स का वैक्सीनेशन और प्राथमिक उपचार किया गया, जिससे लोगों में पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी। यह आयोजन आरवीए (RVA) खैरथल-तिजारा और बीवीएचओ (BVHO) किशनगढ़बास के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. सी.पी. सैनी, डॉ. दिनकर शर्मा, डॉ. पी.सी. यादव, डॉ. दीपांशु और श्री सन्नी खेंदलवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।