बुधवार रात को कोटा में आरकेपुरम थाना इलाके में फोरलेन पर हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं बीस से ज्यादा लोग घायल हो गए। नैना के सिर में गंभीर चोट आई है खून बह रहा था, फिर भी वह बार-बार इमरजेंसी वार्ड से गेट तक दौड़ती रही। हर एंबुलेंस आते ही पूछती, “मेरा पति कहां है?” आखिरी एंबुलेंस में दो लाशें आईं। जैसे ही दरवाजा खुला, नैना ने पति की टी-शर्ट पहचान ली। और चीख उठीं कि अंदर मेरा पति है, मेरे पति को सही सलामत यहां लेकर आओ। यह कहते कहते ही वह बेहोश हो गई।” एसपी तेजस्वनी गौतम ने खुद उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर अंदर भिजवाया। होश में आने के बाद भी नैना बार-बार बाहर आकर पति को पुकारती रहीं। नैना रोते-रोते बार बार यही कहती रही कि मेरा और मेरे बच्चों का क्या होगा। मेरे पति को कुछ नहीं हो सकता। “मेरी तीन बच्चियों का क्या होगा? दो बेटियां सात और आठ साल की हैं। कल ही मैंने उन्हें फोन पर कहा था ‘पापा बहुत याद करते हैं, इस बार तुम्हें भी साथ लेकर आएंगे।’ अब उनसे क्या कहूँगी? पापा के लिए पूछेंगी तो क्या जवाब दूंगी, कैसे मेरे बच्चों को पालूंगी, कहकर रोते-रोते बेहोश हो गई? बड़ी मुश्किल से उसके रिश्तेदारों ने उसे संभाला। दरअसल, हादसे में मरने वालों में भिंड निवासी कृष्णा (36) और धर्मेंद्र भी शामिल थे। कृष्णा नैना के पति थे। वे अहमदाबाद में ऑनलाइन डिलीवरी ऐप पर डिलीवरी बॉय का काम करते थे। बुधवार दोपहर 12:30 बजे पत्नी नैना, पिता रामदुलारे, बहन पूजा, साले नवीन और बेटे विराट के साथ बस में सवार होकर भिंड घर जा रहे थे। बस पलटते ही कृष्णा बाहर गिर गए और सामने से आ रहे ट्रॉले की चपेट में आ गए। उनका शरीर आधा कुचल गया। जब लाशें अस्पताल पहुंची तो पूरे अस्पताल में सन्नाटा छा गया। बतादें, बुधवार रात कोटा के आरकेपुरम थाना इलाके में फोरलेन पर एक भयानक बस हादसा हो गया। मध्यप्रदेश नंबर की प्राइवेट बस अहमदाबाद से ग्वालियर-भिंड जा रही थी। रात करीब 11:45 बजे नयागांव पुलिया के पास हैंगिग ब्रिज को पार कर अचानक बस बेकाबू हो गई,और दूसरी लेन में घुसकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। लाशों की हालत इतनी बुरी थी कि अस्पताल में कोहराम मच गया। पुलिस का कहना है कि हादसा किसी जानवर के कारण हुआ हो सकता है। लेकिन बस में सवार लोगों ने पूरी कहानी बदल दी। उनके मुताबिक बस के आगे के शीशे पर पत्थर लगने से ड्राइवर हड़बड़ा गया और बस पलट गई। भास्कर की जांच में भी यही सच्चाई सामने आई। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। बस के कांच पर लगा था पत्थर, धीरे करने को भी बोला था हादसे में घायल नवीन (कृष्णा का साला) बस में केबिन में सवार था। नवीन ने बताया कि- मैं आगे केबिन में दरवाजे के पास खड़ा हुआ था। अचानक से बस के कांच पर पत्थर सा आकर लगा और कांच टूट गया। बस की स्पीड़ सत्तर- अस्सी होगी। अचानक से जैसे ही कांच फूटा तो ड्राइवर भी हड़बड़ा गया। उसने बताया कि- जैसे ही कांच टूटा, मैनें जोर से चिल्लाकर ड्राइवर से कहा भी था कि बस धीरे कर लेकिन कांच टूटते ही बस लहराने लगी और कुछ ही सेकंड में पलट गई। इस दौरान सामने से एक ट्रोला भी आ रहा था उससे भी पलटते समय बस का एक्सीडेंट हो गया। बस पलटते ही चीख पुकार मच गई। वहीं बस में सवार पूजा ने बताया कि चितौड़ से कोटा आते समय एक ढ़ाबे पर बस रूकी थी। हादसे से डेढ़-दो घंटे पहले चित्तौड़ में ड्राइवर बदला गया था। पहला ड्राइवर दिनेश (भिंड का) ऊपर सीट पर सो गया था। ढ़ाबे से दूसरे ड्राइवर ने बस को चलाना शुरू किया था। पूजा के अनुसार ड्राइवर ने शराब पी थी या नहीं यह तो पक्का नहीं है लेकिन गाड़ी स्पीड़ में थी। 12 फीट डिवाइडर लांघकर 20 मीटर लहराई बस जिस जगह हादसा हुआ वहां डिवाइडर की चौड़ाई करीब 12 फीट है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार बस करीब बीस मीटर तक लहराती हुई गई थी। बस की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 12 फीट के डिवाइड को लांघ कर इतनी दूर लहराती हुई गई और दूसरी लेन में जाकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी क्रेनों को बुलवाकर बस को सीधा करवाया गया। हादसे के बाद बस को क्रेन से सीधा किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन तीन घंटे चला। सुबह 4 बजे सड़क क्लियर हुई। दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर जाम लगा रहा। एक्सीडेंट इतना भयानक था कि बस का केबिन का दरवाजा ही अलग हो चुका था। घायल युवक को बैग की चिंता- बोला मेरी चार पांच महीने की सैलरी उसी में पड़ी है हादसे में घायल सोमवीर ने बताया कि वह अहमदाबाद से ग्वालियर जा रहा था। वह खेडियां गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह अहमदाबाद में ही सिक्योरीटी का काम करता है। उसने बताया कि- अचानक ही ऐसा लगा कि बस के कांच पर किसी ने कांच पर पत्थर मारा। इसके बाद बस पलट गई। वह गैलरी में खड़ा हुआ था। बस पलटने के बाद कांच तोड़कर बाहर निकला। जिससे उसके कंधे में भी चोट आई है। उसने बताया कि बस में सवारियां भरी हुई थी। कई लोग स्लीपर में थे तो कुछ लोग गैलरी में खडे हुए थे। दो चार लोग केबिन में मौजूद थे। वह बार बार यही कहता रहा कि उसका बैग वहीं बस में रह गया है। उसने कहा कि बैग में मेरी चार पांच महीने की सैलरी पड़ी हुई है। डॉक्यूमेंटस पडे़ हुए है। मैं तो डयूटी से लौटकर आया था दोपहर में और फिर घर आ रहा था परिवार से मिलने के लिए। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें कोटा में बस पलटी,बाहर गिरे पैसेंजर्स को ट्रॉले ने कुचला:3 मौत, 20 घायल; दावा- सामने वाले कांच पर पत्थर मारा, इसलिए एक्सीडेंट कोटा में स्लीपर बस के एक्सीडेंट में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में 20 से ज्यादा पैसेंजर्स घायल हैं। यात्रियों का दावा कि बस के फ्रंट मिरर पर किसी ने पत्थर मारा था, इसलिए ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया। अनियंत्रित होने के कारण बस डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में घुसकर पलट गई। पलटने के कारण टूटे कांच वाले हिस्से से पैसेंजर्स बाहर सड़क पर गिर गए। (पूरी खबर पढ़ें)