कोटा जिले में पहले चरण में 4 पंचायत समितियां में 64.90% मतदान संपन्न हो गया है। जिला परिषद के 25 वार्डों में से 19 वार्डों में 51 प्रत्याशी और पंचायत समितियों के 84 वार्डों में 219 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। खैराबाद और चेचट पंचायत समिति में दूसरे चरण में जिला परिषद के 6 वार्डों और दोनों पंचायत समिति के 34 वार्डों में मतदान होना है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के सामने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन दबाव है। ऐसे में अब गांव की सरकार चुनने के लिए हुए मतदान में दोनों मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। सुल्तानपुर में मतदान 4 प्रतिशत और ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र में पिछले चुनाव के मुकाबले वोटिंग में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, भाजपा विधायक के क्षेत्र में मतदान प्रतिशत घटा है। दरअसल, इस बार कोटा जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। जिला परिषद के 25 वार्डों में से 13 वार्ड में जीत हासिल करने वाली पार्टी की सदस्य में से एक मुखिया बनेगी। ऊर्जा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र सांगोद में ज्यादा ऑप्शन सांगोद में जिला परिषद के 5 वार्ड है। इसलिए जिला प्रमुख के लिए सांगोद में ज्यादा ऑप्शन हैं। यहां अनारक्षित ओपन के तीन वार्ड (11,13 व 14) जबकि अनारक्षित महिला के दो वार्ड (12 व 15) है, जबकि लाड़पुरा पंचायत समिति में वार्ड 2 व 3 अनारक्षित महिला, सुल्तानपुर पंचायत समिति में अनारक्षित महिला के लिए वार्ड 16 व वार्ड 23 अनारक्षित ओपन हैं। इटावा पंचायत समिति में वार्ड 19 अनारक्षित महिला व वार्ड 20 अनारक्षित ओपन हैं। चेचट में वार्ड 6 व खैराबाद में वार्ड 8 अनारक्षित ओपन है। पंचायत समितियां में वोटिंग प्रतिशत में बढ़ाई धड़कन सांगोद, सुल्तानपुर, इटावा, लाड़पुरा पंचायत समिति में जिला परिषद के 19 वार्ड और पंचायत समिति की लिए 84 वार्डों में 4,48,947 मतदाताओं में से 2,87,995 मतदाताओं ने वोट डाले। इन पंचायत समितियों में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के लिए 270 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस बार के मतदान प्रतिशत में नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी है। भाजपा विधायक के क्षेत्र लाड़पुरा में सबसे ज्यादा वोटिंग सबसे ज्यादा मतदान भाजपा विधायक कल्पना देवी के क्षेत्र लाड़पुरा पंचायत समिति में हुआ। यहां 70.46% वोट पड़े, जो पिछली बार के मुकाबले करीब एक प्रतिशत कम है। पिछली बार यहां 71.24 प्रतिशत मतदान हुआ था। कांग्रेस ने प्रधान की सीट पर कब्जा किया था। लाड़पुरा पंचायत समिति की कुछ ग्राम शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में भी आती है। सुल्तानपुर पंचायत समिति में हुआ सबसे कम मतदान सबसे कम मतदान सुल्तानपुर पंचायत समिति में हुआ, यहां 63.43% वोट पड़े। हालांकि, यहां पिछली बार के मुकाबले करीब 4% मतदान ज्यादा हुआ। पिछले चुनाव में 59.82%वोटिंग हुई थी। यहां भाजपा प्रधान बनाने में कामयाब हुई। सुल्तानपुर पंचायत समिति की कुछ ग्राम पंचायतें ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के सांगोद विधानसभा में आती हैं। बाकी क्षेत्र पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में आता है। पीपल्दा से कांग्रेस के चेतन पटेल विधायक हैं। सांगोद पंचायत समिति में पिछले साल के मुकाबले एक फीसदी ज्यादा वोटिंग ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के विधानसभा क्षेत्र में आने वाली सांगोद पंचायत समिति में पिछले साल के मुकाबले इस बार एक प्रतिशत मतदान ज्यादा हुआ। यहां 67.45% वोट पड़े। जबकि पिछले चुनाव में 66.69% वोटिंग हुई। भाजपा ने यहां प्रधान की कुर्सी पर कब्जा जमाया था। पिछली बार की तुलना में इस बार आधा फीसदी ज्यादा मतदान इटावा पंचायत समिति में 59.97% मतदान हुआ है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले आधा प्रतिशत ज्यादा है। पिछली बार यहां कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला था। पिछली बार कांग्रेस को एक सीट ज्यादा मिली थी, लेकिन प्रधान बीजेपी ने बनाया था। ये पंचायत समिति पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में आती है। यहां से जिले के कांग्रेस से एकलौते चेतन पटेल विधायक है।