इस साल कम बारिश और अलनीनो के असर के चलते अक्टूबर के महीने के 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राजधानी में अभी सर्दी गायब है। इन 22 दिन में केवल 1 बार पारा 20 डिग्री से नीचे आया, जबकि 21 दिन 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। अगर हम पिछले 10 साल में न्यूनतम तापमान से तुलना करे तो इस बार अक्टूबर सबसे गर्म है। सिर्फ एक बार 16 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो गई थी, वहीं पिछले सालों में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पारा 15 डिग्री तक पहुंच जाता था। रात के तापमान में गिरावट की रफ्तार धीमी रहने से अभी गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। दिन में गर्मी का अहसास है, रात में हल्की सर्दी। पारे की धीमी गिरावट से लग रहा है कि गर्मी अभी और सताएगी। अक्टूबर में पारा- इस माह अधिकांश दिनों में दिन का तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि रात का 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। 5 बार 25 और 6 बार 24 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ न्यूनतम पारा इस बार अब तक केवल एक बार 20 डिग्री से नीचे तापमान रहा। तीन बार 20 डिग्री के आसपास, 4 बार 22 डिग्री, 3 बार 23 डिग्री, 6 बार 24 डिग्री के आसपास रहा। पांच बार तापमान 25 डिग्री या इससे ऊपर रहा। सबसे ज्यादा 4 अक्टूबर को 26 डिग्री रहा। आगे क्या- मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान में अधिक गिरावट के आसार नहीं है। अगले दो सप्ताह यानी 23 अक्टूबर से 5 नवंबर तक सामान्य से कम बारिश होगी। इसके अलावा अधिकतम तापमान (33 से 34 डिग्री के बीच) सामान्य के आसपास रहने और न्यूनतम तापमान (19 डिग्री) सामान्य से 1 से 2 डिग्री कम रहने के आसार है। 2019 में 11.70 पर पहुंच गया था रात का पारा अलनीनो से पारे में गिरावट नहीं; इस बार प्रदेश में बारिश कम हुई है। साथ ही अलनीनो का भी असर है। इस कारण तापमान में अधिक गिरावट नहीं हुई। यही कारण है कि पिछले सालों के मुकाबले रात का तापमान कुछ अधिक दर्ज हुआ है। 23-24 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कुछ इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसका असर खत्म होने के बाद 2 से 3 डिग्री तापमान में गिरावट होने के आसार हैं। राधेश्याम शर्मा, निदेशक जयपुर मौसम केंद्र