शहर में सड़क चौड़ी करने के जेडीए के दो अलग पैमाने सामने आए हैं। न्यू सांगानेर रोड पर चौड़ीकरण के लिए सड़क के सेंटर को आधार बनाकर दोनों तरफ जमीन नापी गई, लेकिन वैशाली नगर के गांधी पथ पर विजय द्वार से 200 फीट बाईपास की ओर एक तरफ के संपत्ति मालिकों को ही नोटिस दिए गए हैं। लोगों का आरोप है कि दूसरी ओर पेट्रोल पंप, मैरिज गार्डन और बड़ा सिनेमा हॉल को फायदा पहुंचाने के लिए चौड़ीकरण का पूरा दबाव उनकी तरफ डाला जा रहा है। विवाद का दूसरा कारण सड़क को 80 फीट से 100 फीट किए जाने का भी है। लोगों का कहना है कि जेडीए ने 20 साल पहले इसी सड़क को 60 से 80 फीट चौड़ा करते समय भरोसा दिया था कि अब उनके मकान-दुकानों को नहीं छेड़ा जाएगा। इसके बाद पट्टे जारी हुए और एक किमी के हिस्से में मकान, दुकानें और शोरूम बनते चले गए। अब उसी सड़क को 100 फीट करने की तैयारी ने इन पर संकट खड़ा कर दिया है। इसके बावजूद अगर सड़क चौड़ी करना ही है तो 20 साल पहले की तरह सेंटर को आधार बनाकर दोनों तरफ से 10-10 फीट जमीन ली जानी चाहिए। 2025 में नोटिस, सड़क 100 फीट का प्रस्ताव अगस्त 2026 में जेडीए ने सड़क के लिए नवंबर 2025 में नोटिस दिए गए थे। इसके करीब नौ महीने बाद 31 अगस्त 2026 को जोनल विकास योजना में गांधी पथ की चौड़ाई 80 फीट से बढ़ाकर 100 फीट करने के प्रस्ताव पर सार्वजनिक सूचना जारी कर 30 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जोनल प्लान में सड़क की चौड़ाई 80 फीट थी और इसे 100 फीट करने की प्रक्रिया अगस्त 2026 में शुरू हुई तो नवंबर 2025 में नोटिस किस आधार पर दिए गए? यही विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है। जेडीए की सार्वजनिक सूचना के अनुसार जोनल विकास योजना-04 में गांधी पथ की निर्धारित चौड़ाई 24 मीटर यानी करीब 80 फीट है। इसे संशोधित कर 30 मीटर यानी 100 फीट करने का प्रस्ताव रखा गया। 98 लोगों ने दिया नोटिस का जवाब, पट्टे-स्वीकृत नक्शे रखे सामने नवंबर 2025 में नोटिस मिलने के बाद प्रभावित संपत्ति मालिकों ने जेडीए के सामने आपत्तियां दर्ज कराईं। 98 लोगों ने नोटिस के जवाब में बताया कि सड़क सीमा का स्पष्ट निर्धारण किए बिना उनके निर्माणों को अतिक्रमण मानकर हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकती, लेकिन जेडीए ट्रिब्यूनल ने बेदखली नोटिस पर रोक से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर को उन्हें 8 दिसंबर 2025 को जोन-7 उपायुक्त के सामने आपत्तियां रखने की अनुमति दी। फिर 1 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने निस्तारण तक संबंधित निर्माणों की यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। 2006 में जेडीए ने सड़क 60 से 80 फीट की और लोगों को पट्टे दिए। इसके बाद 20 साल में मकान-दुकानें बन गईं और पूरा बाजार विकसित हो गया। सड़क की चौड़ाई सेंटर से तय होनी चाहिए। एकतरफा कार्रवाई गलत है। -पुष्पेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस नेता गांधी पथ की चौड़ाई बढ़ाने का फैसला बीपीसीएलपी की बैठक में किया गया था। उसी के अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं। सड़क चौड़ी करने में एकतरफा कार्रवाई नहीं की जाएगी, जो भी होगा, नियमानुसार होगा। -धारासिंह, उपायुक्त, जोन-7, जेडीए