बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को नहीं होगा। शनिवार को बोम की बैठक के बाद ये तय हो गया कि फिलहाल दीक्षांत समारोह नहीं हो पाएगा। यूनिवर्सिटी की डिग्री अब तक प्रकाशित नहीं हुई है। बैठक में डिग्री प्रकाशन के लिए ओपन टेंडर करने का निर्णय हुआ है। पहले गोपनीय टेंडर से डिग्री छपाने की कोशिश हो रही थी, जिसे बैठक में स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया गया। उधर, बीकानेर स्थित महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) में नए नियमित कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति सचिवालय ने इसके लिए चार सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया है। इसी बीच मौजूदा कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के कार्यकाल के अंतिम दिनों में 28 जुलाई को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह और शनिवार को होने वाली बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (BOM) की बैठक को लेकर सवाल उठ रहे थे। 7 अगस्त को पूरा होगा कुलपति का कार्यकाल प्रो. मनोज दीक्षित का कार्यकाल 7 अगस्त को समाप्त हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन 28 जुलाई को दीक्षांत समारोह आयोजित करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन अब तक इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था। आज हुई बैठक के बाद इस पर अंतिम निर्णय लेने की कोशिश थी। ये भी प्रयास था कि कुछ डिग्रियों का प्रकाशन करवाने के साथ ही दीक्षांत समारोह आयोजित कर लिया जाए। डिग्री छपाई का प्रस्ताव भी BOM में जानकारी के अनुसार डिग्रियों की छपाई का प्रस्ताव भी शनिवार को होने वाली बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (BOM) की बैठक में रखा गया। अब ओपन टेंडर से डिग्री छपने का निर्णय होने से इसकी रेट भी कम होगी। आशंका थी कि ओपन टेंडर में इसकी कीमत तीन गुना बढ़ जाएगी, लेकिन किसी भी सदस्य ने गोपनीय टेंडर का प्रस्ताव तक नहीं रखा। अंतिम तीन महीने में नीतिगत फैसलों पर उठे सवाल राज्यपाल के प्रमुख सचिव की ओर से 1 फरवरी 2022 को जारी आदेश में कहा गया था कि किसी कुलपति के कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में नीतिगत निर्णय नहीं लिए जाएंगे। ऐसे में शनिवार को प्रस्तावित बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक को लेकर भी सवाल उठे। चर्चा है कि बैठक में मानद उपाधि सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है, जिन्हें नीतिगत निर्णय माना जाता है। तीन दीक्षांत हो चुके, फिर जल्दबाजी क्यों? मौजूदा कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय तीन दीक्षांत समारोह आयोजित कर चुका है। ऐसे में फिलहाल कोई लंबित दीक्षांत समारोह भी नहीं है। इसके बावजूद चौथा दीक्षांत समारोह जल्दबाजी में आयोजित किए जाने पर सवाल उठ रहे थे। आमतौर पर दीक्षांत समारोह के लिए करीब 45 दिन पहले अधिसूचना जारी की जाती है, जबकि 28 जुलाई को प्रस्तावित समारोह के लिए अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। नियमित कुलपति के लिए बनी सर्च कमेटी राज्यपाल एवं कुलाधिपति सचिवालय ने नियमित कुलपति की नियुक्ति के लिए चार सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया है। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र बाबू दुबे को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में प्रो. कैलाश डागा, प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी और प्रो. मदन सिंह राठौड़ सदस्य हैं। सचिवालय ने समिति को जल्द बैठक कर कुलपति पद के लिए नामों का पैनल तैयार कर राज्यपाल एवं कुलाधिपति को भेजने के निर्देश दिए हैं।