अजमेर सहित प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दीपावली पर सफाई, मरम्मत और सजावट के लिए शिक्षा विभाग ने इस बार लंबा अभियान तय किया है। लेकिन निर्देशों में सौंदर्यीकरण के लिए अलग बजट का उल्लेख नहीं है। ऐसे में संस्था प्रधानों को उपलब्ध संसाधनों से ही व्यवस्था करनी होगी। पिछले साल अभियान के तहत स्कूलों की जरूरत के अनुसार 15 हजार से 2 लाख रुपए तक खर्च का प्रावधान बताया गया था। इस बार विभाग ने जनसहयोग और श्रमदान पर जोर दिया है। इससे स्कूलों के संस्था प्रधानों के सामने सफाई, मरम्मत, रंग-रोगन और रोशनी की व्यवस्था के लिए संसाधन जुटाने की चुनौती रहेगी। लंबा अभियान स्कूलों को संवारने का अवसर अभियान का उद्देश्य सफाई या सजावट नहीं, बल्कि बच्चों में अपने स्कूल के प्रति गौरव, अपनत्व व दायित्व भावना विकसित करना भी है। इस बार 22 अक्टूबर से दीपावली तक का समय दिया है। इससे स्कूलों को व्यवस्थित तरीके से संवारने का अवसर मिलेगा। मरम्मत के लिए समसा ग्रांट, लेकिन सजावट के बजट पर स्पष्टता नहीं निर्देशों में जरूरी मरम्मत, खासकर शौचालयों के लिए समग्र शिक्षा अभियान की कंपोजिट ग्रांट का नियमानुसार उपयोग करने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, सौंदर्यीकरण के लिए अलग बजट का उल्लेख नहीं है। ऐसे में संस्था प्रधानों को उपलब्ध राशि और संसाधनों के अनुसार काम तय करने होंगे। जनसहयोग और श्रमदान से सफाई जैसे काम कराए जा सकते हैं, लेकिन रंग-रोगन, मरम्मत और रोशनी के खर्च की व्यवस्था करना चुनौती बन सकता है। पिछली बार स्कूलों में फैसिलिटी ग्रांट यानी एसएफजी से पिछली बार कार्य कराए गए थे। जरूरत अनुसार से राशि खर्च करनी थी। जिले में 1325 सरकारी स्कूल-कार्यालयों पर सजावट होगी माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार के आदेश के अनुसार, 3 नवंबर तक स्कूलों में सफाई और जरूरी मरम्मत कार्य कराने हैं। इसके बाद 6 नवंबर से दीपोत्सव तक रोशनी की व्यवस्था करनी होगी। स्कूल परिसरों, कक्षाओं, खेल मैदान, शौचालयों और पेयजल स्थलों की सफाई के साथ जरूरत के अनुसार रंग-रोगन भी कराया जाना है। अनुपयोगी फर्नीचर और दरी-पट्टी का नियमानुसार निस्तारण करना होगा। इस बार अभियान में अजमेर जिले की 1291 सरकारी स्कूल और 34 कार्यालय जिनमें सीडीईओ, डीईओ, सीबीईओ, डाइट आदि शामिल हैं। यानी कुल 1325 सरकारी स्कूल व कार्यालयों पर रोशनी होगी। -मोहर सिंह सलावद, शिक्षाविद् सिटी एंकर