जल संसाधन विभाग पाली के एसई रीनेश सिंघवी और एक्सईएन शंकरलाल राठौड़ को गुरुवार को एपीओ कर दिया गया। एसई चैंबर में गत 16 अक्टूबर को मारपीट के बाद से दोनों अधिकारी सुर्खियों में थे। विभाग के वरिष्ठ शासन उप सचिव राज कुमार निर्वाण ने गुरुवार शाम प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए एपीओ आदेश किया। दोनों अधिकारियों को पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा की अवधि के दौरान अपनी उपस्थिति कार्यालय मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, जयपुर में देने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों अफसरों के एक साथ हटने से अब पाली जल संसाधन वृत्त में नए अधिकारियों की पदस्थापना या अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाएगा। इधर, एसई और एक्सईएन के बीच हुई मारपीट को लेकर दोनों पक्षों ने पाली कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन पुलिस ने इन पर एफआईआर दर्ज कर करने की बजाय अब तक इन रिपोर्ट को केवल जांच में ही रखा है। पुलिस की इस मामले में चुप्पी को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि 16 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम में एसई रीनेश सिंघवी पर आरोप लगाया था कि एक्सईएन शंकरलाल राठौड़ ने बेटे के साथ आकर मारपीट की। एक्सईएन ने भी एसई पर लात मारने का आरोप लगाया था। दैनिक भास्कर ने सिंचाई विभाग के इन दोनों अधिकारियों के बीच जारी खींचतान, मारपीट, फर्जी एफडी मामले में एसई के निलंबन व स्टे, एक्सईएन पर लगे रिश्वतखोरी व गबन के आरोपों तथा विभागीय काम में मनमानी की पूरी पड़ताल प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर सामने आते ही जयपुर शासन सचिवालय से लेकर मुख्य अभियंता कार्यालय जोधपुर तक हड़कंप मच गया था। पाली जल संसाधन विभाग में ठेकेदार से मुफ़्त काम कराने, नहर पेट्रोलिंग टेंडरों में गबन और सरदार समंद नहरों में पानी न पहुंचने को लेकर मुख्य अभियंता स्तर पर जांच कमेटी पिछले 7 महीनों से लंबित चल रही थी। शिकायतकर्ताओं और ठेकेदारों का आरोप था कि दोनों अफसर पदों पर बने रहकर जांच को प्रभावित कर रहे थे। अब दोनों शीर्ष अधिकारियों के पाली से हटने और जयपुर एपीओ होने के बाद लंबित जांच निष्पक्षता से पूरी होने तथा संवेदकों के अटके भुगतानों का रास्ता साफ होने की संभावना है।