पाली के कलेक्ट्रेट के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का धरना मंगलवार को लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और इसके बाद कलेक्ट्रेट के बाहर दोपहर तक धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने कम मानदेय, सेवानिवृत्ति के बाद सुविधाओं के अभाव और बढ़ते कार्यभार को लेकर अपनी पीड़ा साझा की। मारवाड़ जंक्शन में कार्यरत सहायिका गंगादेवी ने बताया कि जब उन्होंने नौकरी शुरू की थी, तब उन्हें मात्र 500 रुपए मासिक मानदेय मिलता था। करीब 20 वर्ष की सेवा के बाद भी वर्तमान में केवल 5 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में इतनी राशि से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं रोहट में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भंवरीदेवी ने बताया कि वर्ष 1991 में 200 रुपए मासिक मानदेय पर उन्होंने सेवा शुरू की थी। अगले वर्ष वह सेवानिवृत्त होने वाली हैं, लेकिन अब तक ग्रेच्युटी या अन्य सेवानिवृत्ति लाभों को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। रोहट क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सूर्यप्रभा दाधीच ने कहा कि उन्हें करीब 10 हजार रुपए मानदेय मिलता है, वह भी किस्तों में। जबकि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के कार्य लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित करने की मांग की। ये हैं प्रमुख मांगें