पंचायतीराज चुनाव को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप पर निगरानी बढ़ा दी है। चुनाव के दौरान अफवाह फैलाने, किसी धर्म या समाज के खिलाफ भड़काऊ संदेश डालने और अभद्र टिप्पणी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अपने स्तर पर ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान करेगी, जिनके जरिए आपत्तिजनक सामग्री साझा की जा रही है। सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली पोस्ट, वीडियो और वॉट्सऐप ग्रुप में साझा किए जाने वाले संदेश पुलिस की निगरानी में रहेंगे। किसी व्यक्ति या समाज के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने, धमकी देने या फर्जी वीडियो के जरिए गलत जानकारी फैलाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। ग्रुप एडमिन की भी रहेगी जिम्मेदारी वॉट्सऐप ग्रुप के एडमिन को भी ग्रुप में साझा होने वाली सामग्री पर नजर रखनी होगी। ग्रुप में आपत्तिजनक या भड़काऊ संदेश आने पर उसे हटाने और संबंधित गतिविधि की सूचना देने के मामले में सतर्कता बरतनी चाहिए। चुनाव के दौरान किसी भी संदेश को बिना पुष्टि किए आगे भेजने से बचना होगा। एसपी कावेंद्र सागर ने बताया - पुलिस का उद्देश्य चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और अफवाहों के कारण किसी तरह का विवाद होने से रोकना है। उन्होंने मतदाताओं और आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी संदेश, वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचें और चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।