राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 में इस बार जिला परिषदों की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। प्रमुख राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में व्यापक बदलाव करते हुए अधिकतर पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। 16 जिलों के चुनावी समीकरणों का विश्लेषण करें तो केवल 3 जिलों में पूर्व या निवर्तमान जिला प्रमुख खुद सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे हैं। डूंगरपुर में पूर्व जिला प्रमुख सूर्या अहारी खुद इस बार चुनाव नहीं लड़ रही हैं, लेकिन भाजपा ने उनके पति को चुनाव मैदान में उतारा है। शेष 12 जिलों में पुराने जिला प्रमुख चुनावी दौड़ से पूरी तरह बाहर हैं। उधर, पहले चरण की 104 पंचायत समितियax में 19 प्रतिशत पुराने चेहरे और उनके रिश्तेदार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने जयपुर-अजमेर जबकि कांग्रेस ने बीकानेर में पुराने चेहरे पर ही खेला दांव जयपुर: भाजपा ने निवर्तमान जिला प्रमुख रमा चोपड़ा पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें जिला परिषद सदस्य के रूप में मैदान में उतारा है। अजमेर: भाजपा ने अजमेर की पूर्व जिला प्रमुख सुशील कंवर पलाड़ा को जिला परिषद के वार्ड संख्या-2 से अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। बीकानेर: कांग्रेस ने अपने निवर्तमान जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल को वार्ड संख्या 17 से सदस्य पद का टिकट देकर चुनावी समर में बनाए रखा है। सीटों का आरक्षण बदलने से भी कई दावेदार बाहर हो गए आरक्षण रोस्टर में बदलाव और राजनीतिक रणनीतियों के चलते अधिकतर जिलों में पुराने जिला प्रमुख चुनावी परिदृश्य से गायब हैं। उदाहरण से समझें कि नागौर सीट एससी आरक्षित होने से पूर्व प्रमुख भागीरथ लोरा बाहर हुए। इसी तरह कई जगह एेसे हालात बने हैं। पार्टियों ने इन्हें टिकट और दावेदारी से दूर किया अलवर: पूर्व जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर इस बार उम्मीदवार नहीं हैं। बाड़मेर: पूर्व जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी भी दावेदार नहीं हैं। भीलवाड़ा: जिला प्रमुख बरजी बाई भील इस बार जिला परिषद सदस्य का चुनाव नहीं लड़ रही हैं। डूंगरपुर: पूर्व जिला प्रमुख सूर्या अहारी के पति को इस बार भाजपा ने टिकट दिया है। झालावाड़: जिला प्रमुख की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने की वजह से पूर्व जिला प्रमुख को दौड़ से बाहर होना पड़ा है। जोधपुर: कांग्रेस की पूर्व जिला प्रमुख लीला मदेरणा चुनाव मैदान में नहीं हैं। कोटा: निवर्तमान जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल चुनाव मैदान में नहीं हैं, वह बीजेपी से थे। नागौर: जिला प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस वजह से पूर्व जिला प्रमुख भागीरथ चुनाव की रेस से बाहर हो गए। पाली: जिला प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जिला प्रमुख रश्मि सिंह सामान्य वर्ग से हैं, उन्होंने वार्ड पार्षद का चुनाव भी नहीं लड़ा है। फलौदी: यह एक नया जिला है और यहाँ पहली बार जिला परिषद और जिला प्रमुख का चुनाव हो रहा है। राजसमंद: निवर्तमान जिला प्रमुख रतनी देवी जाट इस बार चुनाव मैदान से बाहर हैं। सिरोही: पूर्व जिला प्रमुख दौड़ से बाहर हैं। उदयपुर: उदयपुर जिला प्रमुख का पद सामान्य होने के कारण पूर्व जिला प्रमुख ममता पंवार बीजेपी से दावेदार नहीं हैं।