राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच की स्थापना के बाद संभवत: पहली बार शनिवार को सभी 39 जज एक साथ सुनवाई के लिए बैठे। शनिवार को वर्किंग के विरोध में वकीलों के स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार के चलते एक भी वकील कोर्ट में नहीं पहुंचा। इस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस. पी. शर्मा की लार्जर बेंच ने नाराजगी जताई। बार एसोसिएशन को उनके फैसले को फिर से रिव्यू करने की सलाह दी। बेंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- लोगों को पता चलना चाहिए कि जज उनके केस सुनने के लिए तैयार हैं, तो वकीलों को इसमें क्या एतराज हो सकता है। आखिर वकील भी कोर्ट ऑफिसर हैं, उनका दायित्व बनता है, लेकिन आज न तो सीनियर वकील उपस्थित हुए और न ही सरकार की ओर से महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) ने उपस्थिति दी। क्या सरकार ने एडवोकेट जनरल (एजी) को नहीं आने की सलाह दी है। बेंच ने कहा- कोर्ट के काम को रोकने का यह तरीका नहीं हो सकता है। यह स्थिति तब रही, जब आज सीजेआई सूर्यकांत जयपुर में ही मौजूद थे। सुप्रीम कोर्ट में कार्य बहिष्कार पर नहीं जाने का शपथ पत्र
दरअसल, लार्जर बेंच शनिवार को एक मामले पर सुनवाई कर रही थी। मामले में आदेश लिखवाते हुए बेंच ने कहा- हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया था कि वकील कार्य बहिष्कार पर नहीं जाएंगे। शपथ पत्र देने के बाद भी कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। वकीलों पर कोर्ट में उपस्थिति नहीं देने का दबाव बनाया जा रहा है। हम बार पदाधिकारियों और अध्यक्ष को सलाह देते हैं कि वे अपने इस फैसले को रिव्यू करें। कोर्ट ने आदेश की कॉपी तीनों बार एसोसिएशन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भिजवाने के निर्देश दिए। बार ने कहा- एसीजे का राजस्थान से बाहर ट्रांसफर करें
टकराव के चलते राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर ने सीजेआई को पत्र लिखकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का ट्रांसफर राजस्थान से बाहर करने की मांग की है। पत्र में एसोसिएशन ने लिखा- बार और बेंच न्याय व्यवस्था के दो पहिए हैं, जिनके समन्वय से ही न्याय प्रणाली सुचारू रूप से संचालित होती है, लेकिन वर्तमान में यह संतुलन प्रभावित हो रहा है। शनिवार को वर्किंग को लेकर चल रहा गतिरोध
दरअसल, पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में सीजेआई की उपस्थिति में हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में साल 2026 से प्रत्येक महीने के 2 शनिवार (पहला और तीसरा) को वर्किंग का फैसला हुआ था। लेकिन हाईकोर्ट की तीनों बार पहले दिन से ही इस फैसले के विरोध में थी। इसके बाद भी हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित कर दिए, जिसके तहत 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 7 मार्च, 25 अप्रैल, 2 मई, 16 मई, 4 जुलाई, 18 जुलाई, 1 अगस्त, 22 अगस्त, 5 सितंबर, 26 सितंबर, 31 अक्टूबर, 21 नवंबर, 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को सुनवाई होगी। ……………………………………. ये खबर भी पढ़ें… सीजेआई बोले-मैं चूरू के पास का हूं, वहां बावड़ियां हैं:संकट में प्यास बुझाती हैं, हमारे रिटायर जज भी समाज की ऐसी ही बावड़ियां हैं भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा- राजस्थान में बावड़ी होती है। मैं चूरू जिले के पास का हूं। हमारे पास के जिले में भी बावड़ियां हैं। बावड़ी में बारिश का पानी इकठ्ठा कर लिया जाता है। संकट के समय यह बावड़ियां लोगों की प्यास बुझाती हैं। (पूरी खबर पढ़ें)