राजस्थान में कारोबार और निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार, 21 अधिकारियों को देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों में राजस्थान के लिए कारोबार और निवेश के मौके तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें जैसलमेर कलेक्टर अनुपमा जोरवाल को दिल्ली और इटली की जिम्मेदारी मिली है। वे इन जगहों पर राजस्थान में निवेश लाने और बाहर रहने वाले राजस्थानियों से संपर्क करने का काम करेंगी। सौर ऊर्जा और पर्यटन में निवेश के मौके जैसलमेर सौर और पवन ऊर्जा के बड़े केंद्रों में शामिल है। यहां सौर और पवन ऊर्जा से जुड़ी नई परियोजनाओं के साथ होटल, रिसॉर्ट, पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय हस्तशिल्प के कारोबार में भी निवेश की संभावनाएं हैं। निवेश करने के इच्छुक लोगों और बाहर रहने वाले राजस्थानियों से संपर्क बढ़ने पर इन क्षेत्रों में नए काम शुरू करने में मदद मिल सकती है। दिल्ली देश में सरकारी कामकाज और कारोबार का बड़ा केंद्र है, जबकि इटली के जरिए यूरोप के बाजारों से जुड़ने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि, सरकारी आदेश में जैसलमेर के लिए किसी खास परियोजना या नए निवेश की घोषणा नहीं की गई है। आगे कितना निवेश आएगा, यह लोगों से बातचीत और मिलने वाले प्रस्तावों पर निर्भर करेगा। बाहर रहने वाले राजस्थानियों को जोड़ने की पहल राज्य सरकार का उद्देश्य देश और विदेश में कारोबार के नए मौके तलाशना, राजस्थान में निवेश बढ़ाना और दूसरे राज्यों व देशों में रहने वाले राजस्थानियों को प्रदेश के विकास से जोड़ना है। आदेश के अनुसार, सभी अधिकारी घरेलू एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों के विभाग (DORA) के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। अनुपमा जोरवाल दिल्ली में सरकारी अधिकारियों और इटली में कारोबार से जुड़े लोगों से संपर्क करेंगी। इससे जैसलमेर में सौर ऊर्जा, पर्यटन और हस्तशिल्प के क्षेत्र में काम बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशे जा सकते हैं। हालांकि, इससे कितना निवेश आएगा और कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, यह आगे मिलने वाले प्रस्तावों और उन पर होने वाले काम से पता चलेगा।