आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी स्टूडेंट्स के लिए राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) के तहत राजस्थान में राज्य स्तरीय चयन परीक्षा 20 दिसंबर को होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान, बीकानेर ने परीक्षा का आवेदन कार्यक्रम जारी कर दिया है। पात्र विद्यार्थी शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से 30 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। चयनित स्टूडेंट्स को कक्षा 9 से 12वीं तक नियमित अध्ययन करने पर 12 हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिलेगी। राजस्थान में 5471 स्कॉलरशिप का कोटा योजना के तहत राजस्थान के लिए कुल 5471 स्कॉलरशिप निर्धारित की गई हैं। चयनित स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति की राशि DBT के माध्यम से PFMS प्रणाली द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसका लाभ लेने के लिए स्टूडेंट्स को जिला मेरिट में स्थान बनाना होगा। ये स्टूडेंट्स कर सकेंगे आवेदन मानसिक और शैक्षणिक योग्यता के 180 प्रश्न होंगे चयन परीक्षा में दो परीक्षण होंगे। मानसिक योग्यता परीक्षण (MAT) में 90 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें तर्क क्षमता, आलोचनात्मक चिंतन, समानता, वर्गीकरण, संख्यात्मक श्रृंखला, पैटर्न पहचान और छिपे हुए चित्रों से जुड़े सवाल होंगे। शैक्षणिक योग्यता परीक्षण (SAT) में कक्षा 7 और 8 के स्तर के विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और गणित विषयों से संबंधित 90 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। दोनों परीक्षणों के लिए कुल 180 मिनट निर्धारित हैं। विशेष आवश्यकता वाले परीक्षार्थियों को नियमानुसार 30 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। उत्तर देने के लिए OMR शीट का उपयोग किया जाएगा। 10 दिसंबर से डाउनलोड कर सकेंगे प्रवेश पत्र विभागीय कार्यक्रम के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर है। प्रवेश पत्र 10 दिसंबर से शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। विद्यार्थी आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करके प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा का पाठ्यक्रम भी शाला दर्पण पोर्टल के NMMSS टैब पर उपलब्ध है। चयन परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 40% अंक और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 32% अंक प्राप्त करने होंगे। दिव्यांग स्टूडेंट्स को नियमानुसार 3% आरक्षण का लाभ मिलेगा। आवेदन से तैयारी तक मार्गदर्शन जरूरी शिक्षाविद एवं शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ मोहर सिंह सलावद ने कहा कि राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स को पढ़ाई जारी रखने में मदद कर सकती है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई मेधावी स्टूडेंट्स को आगे की पढ़ाई में परेशानी होती है। ऐसे में प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए की छात्रवृत्ति उनकी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है। सलावद के अनुसार, विद्यालयों के संस्था प्रधानों और शिक्षकों को कक्षा 8 के पात्र स्टूडेंट्स की पहचान कर उनके अभिभावकों को योजना की जानकारी देनी चाहिए और समय सीमा में आवेदन करवाना चाहिए। स्टूडेंट्स को परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित अभ्यास कराने के साथ मानसिक योग्यता परीक्षण के प्रश्न हल करवाने और गणित, विज्ञान व सामाजिक अध्ययन की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल योजना की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है। पात्र स्टूडेंट्स को आवेदन से लेकर परीक्षा की तैयारी तक मार्गदर्शन देना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकें।