प्रदेश सरकार के उद्यान आयुक्तालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत प्रदेश में 100×100×3 मीटर आकार के 256 सामुदायिक जल स्रोत बनाने का लक्ष्य आवंटित किया है। प्लास्टिक फिल्म या प्रबलित सीमेंट कंक्रीट की परत से बनने वाले इन जल स्रोतों पर इकाई लागत का 75% तक अनुदान मिलेगा। कुल लक्ष्यों में 41 अनुसूचित जाति, 31 अनुसूचित जनजाति और 184 सामान्य श्रेणी के लिए हैं। अनुसूचित क्षेत्रों में प्रति इकाई लागत 30 लाख रुपए निर्धारित है। उदयपुर को सबसे ज्यादा 5 जल स्रोतों का लक्ष्य मिला है। चित्तौड़गढ़ में 2 तथा डूंगरपुर, राजसमंद और सलूंबर में एक-एक जल स्रोत बनेगा। बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ को कोई लक्ष्य नहीं मिला है। प्रदेश में नागौर को सर्वाधिक 31, श्रीगंगानगर और डीडवाना-कुचामन को 25-25, पाली को 21 और जैसलमेर को 20 जल स्रोतों का लक्ष्य दिया गया है। 10 हेक्टेयर जमीन और 3 खाताधारक जरूरी : कृषक समूह के पास एक स्थान पर न्यूनतम 10 हेक्टेयर कृषि भूमि और कम से कम 3 खाताधारक होने चाहिए। एकल कृषक के लिए न्यूनतम 2 हेक्टेयर भूमि जरूरी है। जमाबंदी में पति-पत्नी के नाम होने पर उन्हें एक ही सदस्य माना जाएगा। आवेदन के साथ 6 महीने से पुरानी नहीं, बल्कि निर्धारित अवधि के अनुरूप जमाबंदी और नक्शे का प्रतिरूप लगाना होगा। एक महीने में काम शुरू, 3 महीने में पूरा : स्वीकृति के एक महीने में निर्माण शुरू करना होगा, अन्यथा चयन निरस्त हो जाएगा। निर्माण अधिकतम 3 महीने में पूरा करना होगा। इसके बाद कनिष्ठ या सहायक अभियंता निरीक्षण और माप पुस्तिका की प्रक्रिया पूरी करेंगे। अनुदान राशि सीधे कृषक या अनुबंधित फर्म के बैंक खाते में भेजी जाएगी। प्लास्टिक फिल्म या प्रबलित सीमेंट कंक्रीट की परत से बनेंगे जल स्रोत प्लास्टिक फिल्म वाले जल स्रोत: खुदाई पूरी होने पर 20% और शीट बिछाने व भौतिक सत्यापन के बाद शेष 80% अनुदान मिलेगा। प्रबलित सीमेंट कंक्रीट वाले जल स्रोत: नींव और फर्श पूरा होने पर 30%, जबकि दीवारों का काम चरणबद्ध पूरा होने पर 15-15% की चार किस्तों में शेष राशि मिलेगी। सुरक्षा : जल स्रोत के चारों ओर लोहे की जंजीर, रस्सी या तारों से घेराबंदी और निर्माण लागत व अनुदान की जानकारी वाला सूचना पट्ट लगाना होगा।