रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक बार फिर से किलकारी गूंजी है। यहां शनिवार को बाघिन टी-133 शावकों के साथ नजर आई है। फिलहाल वन विभाग की ओर से बाघिन की लगातार मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे बाघिन के शावकों की संख्या पता चल सके। हालांकि इसके बाद रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघ, बाघिन और शावकों की कुल संख्या 78 पहुंच गई हैं। रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि गांधरिया दह वन क्षेत्र में वनकर्मियों ने गश्त के दौरान दो शावकों को देखा है। यह गांधरिया दह वन क्षेत्र बाघिन टी-133 की टेरेटरी है। फिलहाल वन विभाग की ओर से कैमरा ट्रैप लगाकर मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे शावकों की संख्या का पता लग सकेगा। बाघिन टी-93 की बेटी है बाघिन टी-133 रणथंभौर टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-133 बाघिन टी-93 की संतान है। बाघिन टी-93 ने अप्रैल 2020 में अपने पहले लिटर (ब्यात) में तीन शावकों को जन्म दिया था। इन शावकों का नाम टी-132, टी-133 और टी-134 रखा गया था। हाल ही में टी-133 के भाई-बहन टी-134 को 2023 में सरिस्का शिफ्ट किया गया था। जून 2022 में बाघिन टी-133 अपनी मां T-93 के साथ कैमरों में कैद हुई थी। फिलहाल बाघिन की उम्र करीब 6 साल है, जो अक्सर रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर दो में पर्यटकों को नजर आती रही है।