राशमी में शनिवार शाम राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्कूल परिसर से पथ संचलन निकला, जिसका समापन महावीर वाटिका में हुआ। संचलन की तैयारियां कार्यकर्ताओं ने पहले ही पूरी कर ली थी। ठीक शाम को घोष की धुन के साथ स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कतारबद्ध होकर निकले। संचलन स्कूल से शुरू होकर कस्बे के मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और गली-मोहल्लों से होते हुए महावीर वाटिका पहुंचा। रास्ते भर कस्बेवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। जगह-जगह तोरण द्वार और स्वागत द्वार लगाए गए थे। अनुशासित कतारों में कदम ताल मिलाते स्वयंसेवकों को देखकर बाजार में उत्साह का माहौल रहा। बच्चों और युवाओं में विशेष आकर्षण देखा गया। संचलन के समापन पर महावीर वाटिका में बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के राधेश्याम ने की। मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत सह संयोजक पर्यावरण गतिविधि धर्मपाल, जिला कार्यवाह अशोक शर्मा और खंड संघ चालक लोकेश सुवालका, धर्म जागरण जिला विभाग के सुरेश शर्मा अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य वक्ता धर्मपाल ने अपने उद्बोधन में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से विचार रखे। कार्यक्रम में कैलाश चंद्र नायक, सुरेश चंद्र बुनकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और नागरिक उपस्थित रहे।