डीग के रीको इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में शनिवार को बड़ी मॉक ड्रिल आयोजित कर प्रशासन ने आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों को परखा। जिला कलेक्टर मयंक मनीष और पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ की मौजूदगी में विभिन्न विभागों ने त्वरित कार्रवाई और तालमेल का प्रदर्शन किया। आपदा से निपटने की तैयारी का रियल टेस्ट राज्य सरकार के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल का मकसद किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा की स्थिति में प्रशासन की तैयारियों का आकलन करना था। ड्रिल के दौरान आपात स्थिति का माहौल तैयार कर यह देखा गया कि अलग-अलग विभाग कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं। कलेक्टर बोले—कमियों को पहचानने का मौका जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन को अपनी व्यवस्थाओं की कमियों को पहचानने और समय रहते उन्हें सुधारने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी, ताकि हर स्थिति के लिए तैयार रहा जा सके। पुलिस से मेडिकल तक, सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी इस पूर्वाभ्यास में पुलिस विभाग, सिविल डिफेंस, क्विक रिस्पांस टीम, मेडिकल टीम और नगर परिषद ने मिलकर काम किया। साथ ही डॉक्टर्स की टीम ने भी आपात स्थिति में चिकित्सा सेवाओं की तत्परता दिखाई। इसके अलावा पशुपालन विभाग, एनसीसी और स्काउट गाइड के सदस्यों ने भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, जिससे सामूहिक समन्वय का बेहतर उदाहरण देखने को मिला। एम्बुलेंस और ट्रॉमा सिस्टम की भी जांच मॉक ड्रिल के दौरान चिकित्सा विभाग ने एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और जिला अस्पताल में ट्रॉमा व बर्न से जुड़ी आपात व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि किसी बड़ी घटना में घायलों को तुरंत और बेहतर इलाज मिल सके। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ पूर्वाभ्यास इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, तहसीलदार जुगीता मीना सहित पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। आगे भी जारी रहेंगी ऐसी मॉक ड्रिल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में भविष्य में भी नियमित अंतराल पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।