सलूंबर नगर परिषद बीजेपी-कांग्रेस और अन्य पार्टियों समेत अन्य निर्दलीयों ने प्रचार तेज कर दिया है। दोनों मुख्य दल उन वार्डों पर खास ध्यान दे रहे हैं, जहां मुकाबला कांटे की टक्कर का है। प्रत्याशी सुबह से देर रात तक घर-घर जाकर लोगों से वोट मांग रहे हैं। नेताओं ने झोंकी ताकत चुनाव प्रचार में सिर्फ उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि दोनों पार्टियों के बड़े नेता और संगठन के पदाधिकारी भी पूरी ताकत लगा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के साथ पार्टी के बड़े नेता अलग-अलग वार्डों में कार्यकर्ताओं के साथ लोगों से मिल रहे हैं। कई वार्डों में तो पूर्व सांसद और विधायक भी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते दिख रहे हैं। सलूम्बर नगर परिषद के कई वार्डों में मुकाबला सीधा नहीं, बल्कि त्रिकोणीय दिख रहा है। ऐसे वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार भी दोनों मुख्य दलों के समीकरण बिगाड़ने की कोशिश में हैं। प्रत्याशी अपने स्तर पर जातिगत समीकरण, पुराने राजनीतिक असर, निजी संपर्क और स्थानीय मुद्दों के आधार पर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में लगे हैं। बूथ स्तर जाकर कर रहे संपर्क भाजपा और कांग्रेस ने भी ऐसे वार्डों को पहचान कर रणनीति बनाई है। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय की हैं। पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वहीं, उम्मीदवार अपने वार्ड में विकास, सड़क, नाली, सफाई, पीने का पानी और दूसरी स्थानीय समस्याओं को मुख्य मुद्दा बनाकर वोट मांग रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान शहर की गलियों और मोहल्लों में उम्मीदवारों का जनसंपर्क जारी है। कहीं छोटी-छोटी बैठकों के जरिए मतदाताओं को समझाया जा रहा है, तो कहीं समर्थकों के साथ पैदल चलकर लोगों से मिला जा रहा है। प्रत्याशी हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख पास आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ रही है। आने वाले दिनों में बड़े नेताओं के दौरे और चुनावी सभाओं से मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। प्रशासन भी चुनाव की तैयारियों में जुटा इधर,जिला प्रशासन की ओर से भी नगर परिषद चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं,कर्मचारियों की तैनाती,सुरक्षा व्यवस्था और अन्य चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान कराने के लिए तैयारियों में जुटा है।