कई बार गंदे पानी के छींटे उनके शरीर पर पड़ जाते हैं, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और पवित्रता आहत हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सफाई कर्मचारी और जमादार मौके पर आकर स्थिति देखकर सिर्फ खानापूर्ति कर चले जाते हैं और आश्वासन के बाद भी हालात जस के तस बने रहते हैं। लोगों ने कहा कि सफाई को लेकर हालात खराब है। इसको सुधारा जाए। जिन जनप्रतिनिधियों को जनता ने जिताकर नगर परिषद में भेजा वह भी काम करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं कहीं ना कहीं जनप्रतिनिधियों के भरोसे भी जनता रही है जिनको यह विश्वास दिलाया गया कि जनप्रतिनिधि जीत कर जाएंगे और उनके मोहल्लों के हालात सुधरेंगे लेकिन ऐसा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है रामेश्वर महादेव मंदिर का यह मार्ग वार्ड नंबर 15 और 16 में आता है। वार्ड नंबर 15 का जो क्षेत्र है वह पूरी तरह गंदगी से भरा हुआ है। चाहे वह मिर्धा स्टेडियम के पीछे का हो या अन्य मार्ग हो। इस पूरी बदहाली के पीछे एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, डीडवाना शहर में ऐसे करीब 20 से 25 सफाई कर्मचारी हैं जो खुद काम पर न आकर अपनी जगह अन्य लोगों को काम पर रखते हैं। ये मूल कर्मचारी उन लोगों को मात्र 6,000 रुपये महीना देकर काम करवाते हैं, जबकि सरकार से मिलने वाला पूरा वेतन और लाभ खुद हड़प रहे हैं। आरोप है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के यह सब संभव नहीं है, और यही कारण है कि शहर की सफाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। डीडवाना. रामेश्वर महादेव मंदिर के सामने सड़क पर बह रहा नालियों का गंदा पानी। भास्कर न्यूज। डीडवाना डीडवाना शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो जहाँ गंदगी के अंबार और चोक पड़ी नालियाँ न दिखाई दें। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि नियमित सफाई न होने के कारण नालियों का सारा कचरा और गंदा पानी सीधे सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है।ऐसा ही एक गंभीर मामला शहर के रामेश्वर महादेव मंदिर के सामने का सामने आया है, जहाँ नाली लंबे समय से पूरी तरह चोक पड़ी है। नाली की सफाई न होने के कारण सारा कचरा और गंदगी पूरे दिन सड़क पर फैली रहती है। वर्तमान में कार्तिक मास का पवित्र महीना चल रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं सुबह 4:00 बजे उठकर भगवान महादेव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए नंगे पांव मंदिरों तक जाती हैं। लेकिन मंदिर के रास्ते पर फैली इस भीषण गंदगी और सड़क पर बहते गंदे पानी से होकर गुजरने के कारण महिलाओं को अत्यंत पीड़ा और कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद की कार्यशैली पर उठे सवाल, नहीं हो रहे काम शहर के नागरिकों का आरोप है कि इतने खराब हालात होने के बावजूद नगर परिषद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अधिकारी केवल औपचारिकताएं और खानापूर्ति करने में लगे हैं। शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, डीडवाना में अवैध रूप से काम कर रहे प्रॉक्सी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और रामेश्वर महादेव मंदिर सहित पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए।