सवाई माधोपुर में दशहरा मेले के समापन पर गुरुवार को खेल मैदान में विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। देशभर से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताओं से ऐसा समां बांधा कि देर रात तक श्रोता मैदान में जमे रहे। कभी हास्य रचनाओं पर ठहाके गूंजे तो कभी वीर रस की कविताओं ने श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। कवियों की शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, नगर परिषद सभापति मेवा चौधरी, उपसभापति माया गोयल सहित पार्षद और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ कवि सम्मेलन की शुरुआत कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद कवयित्री मणिका ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंच संचालन कर रहे कवि बुद्धिप्रकाश दाधीच ने अपने चुटीले व्यंग्यों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वहीं, मध्यप्रदेश के हास्य कवि चेतन चर्चित ने अपनी रचनाओं से माहौल को खुशनुमा बना दिया। उनकी हास्य कविताओं पर श्रोता देर तक ठहाके लगाते रहे। वीर रस की कविताओं ने भरा जोश वीर रस के कवि अपूर्व विक्रम शाह ने ओजस्वी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं में देशभक्ति का जज्बा जगाया। उनकी प्रस्तुतियों पर मैदान तालियों से गूंज उठा। सूरत की कवयित्री सोनल जैन ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कवि पार्थ नवीन ने पैरोडी के जरिए समसामयिक विषयों को रोचक अंदाज में पेश किया, जिससे दर्शक खूब हंसे। वहीं, कवयित्री मणिका दुबे ने पति-पत्नी के रिश्तों और पारिवारिक जीवन से जुड़े किस्सों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं का मनोरंजन किया। देर रात तक जुटी रही दर्शकों की भीड़ कवि सम्मेलन में रामावतार धाकड़, विनीत चौहान और राजकुमार बादल ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कवियों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों के चलते देर रात तक खेल मैदान में दर्शकों की भीड़ जुटी रही। दशहरा मेले के समापन पर आयोजित इस कवि सम्मेलन ने शहरवासियों को हास्य, व्यंग्य, वीर रस और साहित्य से भरपूर यादगार शाम दी।