हनुमानगढ़ के भादरा क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी की कम उपलब्धता के बीच जल संसाधन विभाग की टीम ने गुरुवार को हरियाणा के काजल हेड का निरीक्षण किया। यहां गेज में गड़बड़ी मिलने पर टीम ने हरियाणा सिंचाई विभाग से संपर्क कर उसे ठीक करवाया। अधिकारियों के अनुसार, सिद्धमुख परियोजना के लिए 350 क्यूसेक पानी की मांग है, लेकिन हरियाणा से केवल 230 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। इससे राजस्थान में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और सिंचाई के साथ पेयजल की जरूरतें पूरी करने में भी परेशानी आ रही है। विभाग ने पानी की उपलब्धता और नहरों की स्थिति की निगरानी बढ़ाने के साथ पानी चोरी रोकने के लिए गश्ती दल बनाने तथा अवैध रूप से पानी लेने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही है। काजल हेड पर गेज में मिली गड़बड़ी, मौके पर करवाया सुधार जल संसाधन विभाग की टीम ने हरियाणा स्थित काजल हेड का निरीक्षण कर गेज की स्थिति की जांच की। इस दौरान गेज में गड़बड़ी सामने आई। टीम ने तुरंत हरियाणा सिंचाई विभाग से संपर्क कर गेज की गड़बड़ी ठीक करवाई, ताकि पानी के प्रवाह का सही आकलन किया जा सके। अधिकारियों ने गेज रजिस्टर और सिद्धमुख फीडर नहर में पानी के बहाव का भी निरीक्षण किया। नहर के कुछ हिस्सों में टूट-फूट मिलने पर हरियाणा सिंचाई विभाग को इसकी जानकारी दी गई। मांग से 120 क्यूसेक कम मिल रहा पानी अधीक्षण अभियंता नीरंजन लाल मीना ने बताया कि सिद्धमुख परियोजना के लिए 350 क्यूसेक पानी की आवश्यकता है, जबकि हरियाणा से केवल 230 क्यूसेक पानी मिल रहा है। इस तरह मांग के मुकाबले 120 क्यूसेक पानी कम मिलने से राजस्थान में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। पानी की कम उपलब्धता का असर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। सिंचाई और पेयजल की जरूरतें पूरी करने में परेशानी अधिशासी अभियंता तिलोक चंद टाक ने बताया कि पानी की कमी के कारण सिंचाई और पीने के पानी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में उपलब्ध पानी का उचित उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। विभाग पानी चोरी रोकने के लिए गश्ती दल बनाएगा। साथ ही, नहर से अवैध रूप से पानी लेने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे, ताकि पानी का वितरण प्रभावित न हो और किसानों को राहत मिल सके। नहरों और जल प्रवाह की नियमित निगरानी होगी जल संसाधन विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि नहरों में पानी की उपलब्धता, गेज की स्थिति और जल प्रवाह की नियमित निगरानी जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ियों और नहर के क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी संबंधित विभाग को दी गई है। विभाग का उद्देश्य उपलब्ध पानी का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।